Sandhya Ray Caste:'10 साल में शादी, तीन बच्चों की मां', कौन हैं राहुल गांधी को चुप कराने वाली संध्या रे?
Sandhya Ray Caste: संसद का बजट सत्र चल रहा है, इस दौरन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी स्पीच को लेकर भारी हंगामा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर डरने और देश को बेचने का आरोप लगाया है।
बीते 9 फरवरी को उन्होंने संसद में खड़े होकर कहा कि 'स्पीकर साहब ने खुद कहा था कि बजट चर्चा से पहले मुझे बोलने दिया जाएगा लेकिन अब वो अपने वादों से पीछे क्यों हट रहे है?', बता दें कि उस वक्त पीठासीन सभापति हैं संध्या रे चेयर पर थीं। सिर पर पल्लू रखकर सदन को संभाल रहीं संध्या रे ने बड़ी ही शालीनता और जोरदार अंदाज में लोकसभा में विपक्ष के नेता को जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि ' बजट पर बोलना है तो बोलिए नहीं तो बैठ जाइए।' राहुल गांधी के पास उनका आदेश मानने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था ,वो चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गए लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर संध्या रे वायरल हो गईं। राहुल गांधी की तुलना में वे जूनियर सांसद हैं लेकिन जिस तरह से उन्होंने रायबरेली से एमपी की क्लास लगाई उसके बाद तो वो सुर्खियों में आ गईं।
Sandhya Ray की क्या है कास्ट?
आपको बता दें कि संध्या रे की अब तक की जर्नी काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणाभरी रही है। भाजपा सांसद संध्या रे अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आती हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के मोरेना जिले में सबराम तैंगुरिया के घर हुआ था। पेशे से वे एक वकील और कृषक हैं और भिंड निर्वाचन क्षेत्र (SC आरक्षित) से पहली महिला सांसद हैं।
10 साल की उम्र में 1984 में सुमन रे हुई शादी
संध्या की शादी मात्र 10 साल की उम्र में 1984 में सुमन रे से हो गई थी। शादी के बाद उनके घर में गौना की रस्म होती है इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता के घर पर 10वीं तक पढ़ाई की थी। अपने पति के घर आने के बाद उन्होंने स्कूल, ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन और लॉ की पढ़ाई पूरी की।
मेरे ससुरालवालों ने मुझे पूरी तरह से सपोर्ट किया-Sandhya Ray
एक इंटरव्यू में तीन बच्चों की मां संध्या रे ने कहा था कि 'मैं आगे पढ़ना चाहती थी, मेरे ससुरालवालों ने मुझे पूरी तरह से सपोर्ट किया। मेरे पति ने मुझे पॉलिटिक्स में आने के लिए हिम्मत दी। 2000 में, मार्केट प्रेसिडेंट की सीट महिलाओं के लिए रिजर्व थी, इसलिए मेरे पति ने पार्टी के दूसरे वर्कर्स से बात की और उन सभी ने तय किया कि मुझे यह इलेक्शन लड़ना चाहिए।'
अचीवमेंट से ज़्यादा एक ज़िम्मेदारी -Sandhya Ray
'MLA बनने के बाद ही मैं अपनी पोजीशन की गंभीरता को समझने लगी। मुझे एहसास हुआ कि मैं भी कुछ बदलाव ला सकती हूं। पहली ही कोशिश में MP का चुनाव जीतना और भिंड से पहली महिला MP बनना सच में एक अचीवमेंट है, लेकिन मैं इसे अचीवमेंट से ज़्यादा एक जिम्मेदारी मानती हूं। मैं पहले मुरैना से MLA रह चुकी हूं जो भिंड के बहुत पास है, इसलिए मैं इस इलाके को भी बहुत अच्छे से जानती थी।'
Sandhya Ray प्रोफाइल एक नजर में
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर एमपी
- चुनाव क्षेत्र: भिंड (SC), मध्य प्रदेश
- भूमिका: सांसद (17वीं और 18वीं लोकसभा)
- नेट वर्थ- 2024 तक ₹9.67 करोड़












Click it and Unblock the Notifications