दिल्ली में एक बार फिर से बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, महापंचायत बढ़ा सकती है सरकार की मुश्किल
दिल्ली में किसान एक बार फिर से बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा रामलीला मैदान में किसान महापंचायत का आयोजन करने जा रहा है।

Kisan Mahapanchayat: केंद्र सरकार ने किसानों के आंदोलन के चलते तीन कृषि कानूनों को वापस ले लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया था। जिन किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था और सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था, उन्ही किसान संगठनों ने एक बार फिर से दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर से महापंचायत करने की बात कही है। नवंबर 2021 में किसानों से सरकार की ओर से जो वादा किया गया था, उसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है, जिसकी वजह से किसान एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि कि लाखों की संख्या में किसान 20 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत करने जा रहे हैं।
क्या हैं किसानों की मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा जिसने तमाम किसानों को एकजुट करके उन्हें आंदोलन में इकट्ठा किया था, वह बड़ी संख्या में किसान महापंचायत की तैयारी कर रहा है। सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग और आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने की मांग को लेकर एक बार फिर से किसान आंदोलन की तैयारी में है। ऑल इंडिया किसान सभा के उपाध्यक्ष हन्नान मोल्लाह ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस ले लिया गया, लेकिन केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे उसे पूरा नहीं किया, हम एक बार फिर से अपने आंदोलन को मजबूत करेंगे। देशभर में अगले दौर के आंदोलन की शुरुआत महापंचायत से होगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताों ने अपील की है कि केंद्र सरकार तुरंत इलेक्ट्रिसिटी बिल को वापस ले, जोकि फिलहाल संसतद की स्टैंडिंग कमेटी में है। केंद्र सरकार ने वादा किया था कि वह इस बिल को लाने से पहले किसानों से चर्चा करेगी। लेकिन हमसे किसी ने कोई चर्चा नहीं की। हमारे रुख को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। अगर इस बिल को लागू किया जाता है तो बिजली के बिल 200-300 फीसदी बढ़ जाएंगे।
एक अन्य वरिष्ठ संयुक्त किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस और प्रशासन किसानों को दिल्ली के रामलीला मैदान में जाने से रोकता है तो हम बॉर्डर पर भी आंदोलन करने से नहीं हिचकेंगे। किसानों ने दिल्ली में आना शुरू कर दिया है। यह शांतिपूर्ण कार्यक्रम होगा, जहां किसान अपनी समस्या को उठाएंगे। प्रशासन को हमे रोकना नहीं चाहिए। इससे पहले केंद्र किसानों की आय को कम कर रही है, उनसे उनकी जमीन को छीन रही है, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों को कॉर्पोरेट के फायदे के लिए दोहन किया जा रहा है।












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