कोबरा पोस्ट स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया समाजवादी पार्टी का घिनौना 'समाजवाद'

न्यूज पोर्टल कोबरापोस्ट के एक स्टिंग में दावा किया गया है कि समाजवादी पार्टी के विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के कहने पर ग्रामीण विकास अधिकारी के 3000 पदों पर नियुक्ति के लिए पैसे लिए गए।
इस पद के लिए नियुक्ति पिछले साल जुलाई में शुरू हुई थी और इस साल जनवरी में यह बंद हुई। कोबरापोस्ट. कॉम के स्टिंग में यह दावा किया गया है कि एक मंत्री के करीबी माने जाने राज्य सरकार के एक सलाहकार और दो निगमों के चेयरमैन ने कैमरे पर इन नौकरियों के लिए पैसे की के लेनदेन की बात करते हुए पकड़े गए।
स्टिंग ऑपरेशन में समाजवादी पार्टी के दो विधायक समेत कई लोग नौकरियों के लिए पैसे के लेनदेन पर बातचीत करते हुए पकड़े गए हैं। हालांकि स्टिंग में दिखे समाजवादी पार्टी के एक विधायक और एक पूर्व मंत्री ने इसमें पैसे लेने की बात नहीं की।
यह जरूर कहा कि वह मंत्री को पत्र लिखकर उम्मीदवार की सिफारिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार 30 अंक पर मेरिट बनी है। जबकि इंटरव्यू 50 अंक का था।
इस बार पश्चिम उत्तर प्रदेश से कई उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी। कोबरापोस्ट के संपादक अनिरुद्ध बहल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ग्रामीण विकास अधिकारी के पद के लिए आठ से 13 लाख रुपये की मांग की गई थी और कम से कम 2500 लोगों ने यह रकम जमा कराई है।
इससे साफ है कि जिला स्तर से ही इसमें राजनीतिक नेता शामिल हैं। स्टिंग में भी यह भी दावा किया गया है कि ग्रामीण विकास अधिकारियों की भर्ती के अलावा पंचायती राज और पुलिस विभाग में भी इसी तरह की भर्तियां हो रही हैं।
हाल में यूपी पुलिस के 5000 पदों के लिए रिक्तियों की घोषणा हुई थी। फिलहाल जांच जारी है। अभी और भी कई सच हैं, जो इस मामले से सामने आ सकते हैं। आज जहां अखिलेश यादव वाराणसी में रोड शो कर अपनी सरकार की उपलब्धियां बयां कर रहे हैं, वहीं यह 'सच' समाजवाद पर धब्बे की तरह उभर आया है।












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