गाजी हैदर उर्फ 'डॉक्टर' सैफ कश्मीर में हिजबुल का नया आका, 26 साल का आतंकी अब सेना का नया टारगेट
श्रीनगर। पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया रियाज नाइकू को ढेर कर दिया। इस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी के मारे जाने के बाद पाकिस्तान के इस आतंकी संगठन ने कश्मीर के लिए नए चीफ का ऐलान कर दिया है। 26 साल का सैफुल्ला मीर उर्फ गाजी हैदर अब घाटी में आतंकवाद का नया चेहरा है। हिजबुल ने इसे घाटी के लिए अपना नया चीफ बनाया है।
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रियाज नाइकू ने ही दी ट्रेनिंग
गाजी हैदर को रियाज नाइकू ने ही ट्रेनिंग दी और उसे चरमपंथी विचारधारा की तरफ मोड़ा। छह साल पहले यानी 2014 में गाजी, हिजबुल में शामिल हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों की तरफ से रविवार शाम को इस बात की जानकारी दी गई। अधिकारियों की तरफ से बताया गया है गाजी के नाम का ऐलान पीओके के मुजफ्फराबाद में हिजबुल के हेडक्वार्टर से संगठन के प्रवक्ता सलीम हाशमी की तरफ से किया गया है। गाजी हैदर के अलावा जफरुल इस्लाम को डिप्टी कमांडर और अबु तारिक भाई को गाजी के एडवाजर के तौर पर संगठन की तरफ से कमान सौंपी गई है।

इसलिए बुलाते हैं डॉक्टर सैफ
नाइकू के अलावा उसके साथी आदिल अहमद को जम्मू कश्मीर और सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स की तरफ से पुलवामा में चलाए गए एक खास ऑपरेशन में ढेर कर दिया गया था। नाइकू अपने गांव के एक सीक्रेट बंकर में छिपा हुआ था। सैफुल्ला मीर उर्फ गाजी हैदर को मुसैब और डॉक्टर सैफ के तौर पर भी जाना जाता है। कहते हैं कि 12वीं पास गाजी पुलिस एनकाउंटर में घायल होने वाले आतंकियों का इलाज करता है। गाजी भी रियाज नाइकू की तरह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला है।

नौकरी के दौरान मिला नाइकू से
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मीर ने 12वीं के बाद वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स के तहत बायो-मेडिकल कोर्स करने का फैसला किया था। इसके लिए उसने पुलवामा स्थित आईटीआई में एडमिशन भी लिया। सैफुल्ला का श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में टेक्निशयन की नौकरी मिल गई थी। तीन साल तक उसने यहां पर नौकरी की और फिर उसकी मुलाकात रियाज नाइकू से हुई। रियाज ने उसे आतंकवाद के लिए उकसाया और वह नौकरी छोड़कर हिजबुल में भर्ती हो गया।

ए कैटेगरी का आतंकी गाजी
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सैफुल्ला एक 'ए' कैटेगरी का आतंकी है। वह दक्षिण कश्मीर के ज्यादातर जिलों जैसे पुलवामा, कुलगाम और शोपियां में एक्टिव है। कहते हैं कि वह नाइकू के नेटवर्क को भी अच्छी तरह से पहचानता है। साथ ही बगीचे के मालिकों को लूटकर और दक्षिण कश्मीर में गैरकानूनी तरीके से होने वाली अफीम की खेती से आतंकी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करता है। कश्मीर के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के अलावा हिजबुल कश्मीर में नशे के व्यापार में भी शामिल है।












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