50 से ज्यादा फ्रैक्चर फिर भी दे रहे प्रेरणा, व्हीलचेयर वारियर साई कौस्तुव को मिला डायवर्सिटी लीडरशिप अवार्ड
भारत के व्हीलचेयर योद्धा के रूप में विख्यात डॉक्टर साई कौस्तुव दासगुप्ता को शुक्रवार को एशिया पैसिफिक एचआरएम कांग्रेस पुरस्कार समारोह में डायवर्सिटी लीडरशिप अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बेंगलुरु के एमजी रोड ताज में एशिया पैसिफिक एचआरएम कांग्रेस पुरस्कार समारोह के 22वें संस्करण में प्रदान किया गया।
साई कौस्तुव की इस मान्यता तक की उल्लेखनीय यात्रा लचीलेपन और प्रेरणा में से एक है। 50 से अधिक फ्रैक्चर से उबरने और अनगिनत कठिनाइयों को सहन करने के बाद, उन्होंने छह साल अवसादग्रस्त में बिताए। इस कठिन परीक्षा से उभरकर साईं लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बन गए हैं।

वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस एशिया पैसिफिक एचआरएम कांग्रेस अवार्ड्स 2023 ने अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, चीन, फिजी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, नेपाल, न्यूजीलैंड, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, सिंगापुर, श्रीलंका, ताइवान, थाईलैंड, वियतनाम और दुनिया भर के कई अन्य क्षेत्रों सहित 100 से अधिक देशों के वैश्विक संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले साई कौस्तुव को सर्वोच्च नेतृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया।
यह पुरस्कार उन्हें प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया, जिनमें विश्व सीएसआर दिवस और विश्व स्थिरता कांग्रेस के संस्थापक डॉ. आरएल भाटिया, डॉ. पार्थ सारथी मिश्रा (आईएएस), ओडिशा सरकार में वरिष्ठ सिविल सेवक आसिफ सईद शामिल थे।
डॉ. साई कौस्तुव दिव्यांगों के लिए मार्गदर्शक
आपको बता दें कि डॉ. कौस्तुव का शरीर ओआई से 90 फीसदी प्रभावित है। लेकिन, उसके बावजूद इसके अपना करियर नहीं छोड़ा। कौस्तुव एक सफल ग्राफिक डिजाइनर, ग्लोबल मोटिवेशनल स्पीकर, गुडविल ऐंबैसडर, सर्टिफाई हैप्पीनेस कोच हैं। अपनी प्रतिभाओं के दम पर उन्होंने अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कायम किया है। इतना ही नहीं, 15 अन्य वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी पताका फहराया है। डॉ. साई कौस्तुव ने दिव्यांगों के लिए एक मिसाल बनकर उभरे हैं। इन्होंने ऐसे लोगों को प्रेरणा दी है, जिन्हें लगता है कि शारीरिक बाधा ने उनके लिए कामयाबी के दरवाजे बंद कर दिए हैं।












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