धार्मिक असहिष्णुता केवल टीवी पर, भारत में पिछले 10 सालों में नहीं हुआ कोई बड़ा दंगा: सदगुरु
नई दिल्ली, 6 जून: विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी सरकार में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ी है, लेकिन ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु वासुदेव इन बातों से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने कहा कि टीवी स्टूडियो में "बहुत गर्मी" है। उनको ये बताने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा कि देश में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ रही, जबकि पिछला एक दशक बड़ी साम्प्रदायिक हिंसा से मुक्त रहा है।
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न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इटंरव्यू में सदगुरु ने कहा कि आजादी के बाद देश में कई बड़े दंगे हुए हैं, लेकिन पिछले 10 सालों में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। उनको ये लगता है कि चैनल वाले चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि कुछ आम सहमति के मुद्दे हैं जहां कुछ बहस चल रही है। वे सभी मुद्दे अदालत में हैं। आपको कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
सदगुरु की ये टिप्पणी हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई हिंसा के बाद आई। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहा कि जब हम यूनिवर्सिटी में थे, तो कोई ऐसा साल नहीं था, जब देश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ हो। अब मैंने पिछले 5-6 या शायद 10 सालों से नहीं सुना की कोई बड़ा दंगा हुआ हो।
वहीं उनसे पूछा गया कि क्या वो भारत में धर्मनिरपेक्षता के बारे में सवालों का सामना करते हैं, इस पर सदगुरु ने कहा कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के साथ इसके बारे में बात करते हैं लेकिन भारत शब्द अब पहले से कहीं अधिक सम्मान का पात्र है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग हैं, जो चुनाव प्रणाली में भरोसा नहीं करते। अमेरिका को ही ले लीजिए उनको लगता है कि उनकी चुनाव प्रणाली घटिया है, जबकि भारत अच्छा कर रहा है।












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