सचिन-सीमा : जब अटल जी ने दहेज में मांग लिया था पूरा पाकिस्तान
ग्रेटर नोएडा के सचिन मीणा और पाकिस्तान की सीमा हैदर की प्रेम कहानी देश और दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है। इसका कूटनीतिक और राजनीतिक नतीजा चाहे जो हो लेकिन हर कोई सीमा हैदर के पाकिस्तान से भारत आने और सचिन से मिलने की चर्चा कर रहा है। इस संबंध में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक किस्सा याद आ रहा है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को जब पाकिस्तान की एक महिला पत्रकार ने शादी का प्रस्ताव दिया तो उन्होंने दहेज में पूरा पाकिस्तान मांग लिया था।

1999- जब वाजपेयी जी बस से लाहौर पहुंचे
1999 में जब अटल बिहारी वाजपेयी पूर्ण बहुमत वाली सरकार के प्रधानमंत्री बन गये तो उन्होंने पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की बड़ी पहल की। उन्होंने दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू करने की योजना बनायी जिसे सदा -ए-सरहद का नाम दिया गया था। फरवरी 1999 में पहली बस दिल्ली से लाहौर के लिए रवाना हुआ। इस बस में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा के तत्कालीन सांसद शत्रुघ्न सिन्हा,जसवंत सिंह और अन्य नेता बैठे थे। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लाहौर में जबर्दस्त स्वागत हुआ। लाहौर के गवर्नर हाउस में उनकी प्रेस कांफ्रेंस रखी गयी थी। ये बात हर कोई जानता था कि वाजपेयी जी ने शादी नहीं की है।
वाजपेयी जी ने दहेज में मांग लिया था पाकिस्तान
प्रेस कांफ्रेंस में एक महिला पत्रकार को चुहबाजी सुझी। उन्होंने वाजपेयी जी से कहा, आप ने अभी तक शादी क्यों नहीं की ? मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। लेकिन एक शर्त है कि मुंह दिखायी में आप मुझे कश्मीर देंगे। ये सवाल सुन कर हर किसी को सांप सूंघ गया। कूटनीति के गंभीर पहल के बीच भारत के प्रधानमंत्री से इस तरह का हल्का सवाल किया गया था। अगर वाजपेयी जी नाराज हो गये तो शांति की यह पहल शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगी। महिला पत्रकार के सवाल से पाकिस्तान के नेता और अफसर घबरा गये। लेकिन हाजिरजवाबी के लिए मशहूर वाजपेयी जी ये सवाल सुन कर अचानक हंस पड़े। उन्होंने कहा, बेशक मैं आपसे शादी के लिए तैयार हूं लेकिन मुझे दहेज में पूरा पाकिस्तान चाहिए, क्या आप दे पाएंगी ? अटल जी की बात पर महिला पत्रकार थोड़ी झेंप गयी लेकिन वहां मौजूद अन्य लोग हंसने लगे।
संयुक्त भारत की मशहूर गायिका-अभिनेत्री नूरजहां
नूरजहां संयुक्त भारत की मशहूर गायिका और अभिनेत्री थीं। 1945 में रिलीज हुई हिंदी फिल्म अनमोल घड़ी उनकी सुपर हिट फिल्म थी। इस फिल्म में अभिनय के साथ-साथ उन्होंने गाना भी गाया था। इस फिल्म के दो गाने बहुत मशहूर हुए थे जिनके बोल हैं - जवां है मोहब्बत, हंसी है जमाना और आवाज दे कहां है, दुनिया मेरी जवां है। इन दोनों गानों को नूरजहां ने आवाज दी थी। ये गाने आज भी रेडियो पर बजते हैं तो सुनने वाले इसकी खनक में खो जाते हैं। नूरजहां ने 1942 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले शौकत रिजवी से शादी की थी। 1947 में बंटवारे के बाद शौकत रिजवी और नूरजहां पाकिस्तान चले गये। इनके तीन बच्चे हुए। 1953 में नूरजहां और शौकत रिजवी का तलाक हो गया। इसके बाद नूरजहां ने दो और शादियां कीं।
नूरजहां के पुत्र अकबर हुसैन रिजवी
नूरजहां और शौकर रिजवी के एक पुत्र का नाम है अकबर हुसैन रिजवी। अकबर हुसैन ने एक फ्रांसिसी महिला फ्लोरेंस से शादी की। अकबर और फ्लोरेंस की एक बेटी हुईं सोन्या रिजवी। पाकिस्तान में स्कूली पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने पाकिस्तानी फिल्मों और थियेटर में किस्मत आजमायी। फिल्मों के लिए उन्होंने सोन्या जेहान रख लिया था। अभिनय के दौरान ही उनकी मुलाकात विवेक नारायण से हुई थी।
नूरजहां की पोती ने भारत में किया विवाह
2005 में उनकी मुलाकात भारतीय बैंकर विवेक नारायण से हुई। दोस्ती प्रगाढ़ हुई तो उन्होंने शादी कर ली। पाकिस्तान की नूरजहां की पोती सोन्या रिजवी भारत के विवेक नारायण की पत्नी बन गयीं। अब वे विवेक नारायण के साथ दिल्ली और मुम्बई में रहती हैं। दोनों के दो बच्चे हैं। सोन्या ने अपनी बेटी के नाम अपनी दादी की याद में नूर रखा है। जब कि बेटे का नाम निर्वाण रखा है। सोन्या अभिनय के साथ साथ एक लाइफस्टाइल क्लब भी चलाती हैं जिसका नाम है- द कोरम। इस क्लब की शाखाएं गुडगांव और मुम्बई में हैं। उन्होंने अभिनय भी जारी रखा है। 2010 में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म 'माई नेम इज खान' में सोन्या जेहान ने हसीना खान (शाहरुख खान की भाभी) की भूमिका निभायी थी। आज उनकी उम्र 43 हो चुकी है और भारत में एक सफल उद्मी बन चुकी हैं। सोन्या जेहान का परिवार आज भी करांची में फ्रांसीसी थीम वाला रेस्तरां चलाता है।
2010 में सोन्या को नहीं मिला था वर्क परमिट
चूंकि सोन्या जेहान की मां फ्रांसीसी हैं इसलिए उनके पास फ्रांसीसी पासपोर्ट है। पाकिस्तान से भारत आने पर 2010 में तत्कालीन केन्द्र सरकार ने उन्हें वर्क परमिट देने से इंकार कर दिया था। फ्रांसिसी पासपोर्ट रहने के कारण वे शुरू के सात साल तक अपने पति विवेक नारायण के साथ दिल्ली में रहीं। वर्क परमिट नहीं मिलने के कारण उन्हें एक हिंदी फिल्म से बाहर कर दिया गया। लेकिन अब सोन्या न केवल भारत में रह रही हैं बल्कि अपना बिजनेस भी आगे बढ़ा रही हैं।












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