कोटा में बच्चों की मौतों को लेकर सचिन पायलट का गहलोत पर हमला, जिम्मेदारी तो लेनी होगी
नई दिल्ली। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कोटा के जेके लोन अस्पताल में 100 से ज्यादा शिशुओं की मौत को लेकर अपनी सरकार पर सवाल उठाया है। सचिन ने कहा है कि बहुत बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है, हम जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। पहले कितने बच्चों की मौतें हुईं, उस संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता, आज जो बच्चें दम तोड़ रहे हैं। उनकी जवाबदेही हमारी सरकार की बनती है।
वसुंधरा राजे चुनाव हार चुुकीं, अब हमारी जिम्मेदारी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर सचिन पायलट शनिवार कोटा के जेके लोन अस्पताल पहुंचे हैं। पायलट ने कहा, संख्याओं का जाल बुनकर हम जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। हमें अतीत में जो हुआ है, उसके बारे में बात नहीं करनी चाहिए। वर्तमान में क्या हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
मौजूदा सरकार के पूर्व की भाजपा सरकार पर आरोपों को लेकर डिप्टी सीएम पायलट ने कहा कि इतने सारे बच्चों की मौत हुई है। जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी। वसुंधरा राजे की सरकार ने कुछ गलत किया तो जनता ने उनको चुनाव में हरा दिया। मगर अब वो बातें नहीं कर सकते, अब तो हमारी जिम्मेदारी बनती है।

सचिन पायलट के निशाने पर सीएम अशोक गहलोत
सचिन पायलट ने सीधे-सीधे सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। गहलोत की ओर से लगातार ये कहा गया है कि सरकार बेहतर काम कर रही है और बीते सालों के मुकाबले इस साल कम बच्चों की मौत हुई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री का कहना है कि कोटा में हुई बच्चों की मौत के मामले पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं बताया गया है कि कोटा में बच्चों की मौतों पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी गहलोत सरकार के रवैये से खफा हैं।

अस्पताल में 106 बच्चों की मौत
बता दें कि कोटा शहर के जेके लोन अस्पताल में लगातार बच्चों की मौतें हो रही हैं। बीते करीब एक महीने में इस अस्पताल में 106 बच्चों की मौत हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की एक टीम शनिवार को जेके लोन अस्पताल का दौरा कर रही है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी बच्चों की लगातार मौतों के बाद इस पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में इस पर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर पूछा है कि बच्चों की मौत रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, उनकी जानकारी दें।












Click it and Unblock the Notifications