आतंकवाद से निपटने के लिए जो लोग इसमे शामिल हैं, उनकी जवाबदेही जरूरी: एस जयशंकर

s jaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएनएससी में एक बार फिर से आतंकवाद के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। आतंकवाद किसी भी देश की सीमा को नहीं समझता है। यूएनएससी की उच्च स्तरीय कमिटी को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद एक ऐसी चुनौती है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काउंसिल इस बात से अवगत है कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। आतंकवाद किसी भी सीमा, राष्ट्रीयता, जाति को नहीं समझती है, हमे इससे मिलकर लड़ने की जरूरत है।

एस जयशंकर ने कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद के काफी लंबे समय तक झेला है। जब दुनिया ने आतंकवाद को गंभीरता से लेना शुरू किया उससे कहीं पहले से भारत इस चुनौती से लड़ रहा है। आतंकवाद की चुनौती अब और भी गंभीर हो गई है, दुनिया ने अल कायदा, दाइश, बोको हरम, अल शबाब जैसे आतंकी संगठनों को देखा है। एस जयशंकर ने कहा कि आतंकी लोगों की भर्ती, वित्तीय मदद, और लोगों को प्रेरित करने का काम खुलेम कर रहे हैं। वह दिन भी आ सकता है जो लोग कह रहे हैं कि हम आतंकवाद से अवगत नहीं हैं, उनके पीछे भी वो आ सकते हैं।

विदेश मंत्री ने 26/11 मुंबई हमले को याद करते हुए कहा कि हमने आतंकवाद की भारी कीमत चुकाई है। मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद दिलाना चाहता हूं कि अभी भी कई लोगों इस मामले में न्याय मिलने का इंतजार है। हम एक बार फिर से न्यूयॉर्क के 9/11 और मुंबई के 26/11 को नहीं होने दे सकते हैं। इससे पहले विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को लेकर कहा था कि जो लोग लादेन को पनाह देते हैं, पड़ोसी देश की संसद पर हमला रते हैं, वह इस मंच पर उपदेश नहीं दे सकते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+