भारतीय मीडिया को यूक्रेन संकट पर रूस की नसीहत, एडवाइजरी जारी कर कही ये बात
नई दिल्ली, 28 फरवरी: रूस और यूक्रेन के बीच भयानक जंग छिड़ी हुई है। युद्ध के पांचवें दिन भी रूस ने यूक्रेन को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस युद्ध पर पूरी दुनिया के देशों और उनकी मीडिया की पैनी नजर बनी हुई है। इस बीच रूस ने यूक्रेन संकट पर भारतीय मीडिया को नसीहत देते हुए लगातार कई सारे ट्वीट किए हैं। भारत स्थित रूसी दूतावास ने भारतीय मीडिया से देश की जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की अपील की है।

भारतीय मीडिया के लिए रूस की एडवाइजरी
यूक्रेन संकट पर रूस ने सोमवार को भारतीय मीडिया के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उसने मीडिया से अपील करते हुए सटीक जानकारी देने का अनुरोध किया है, ताकि भारत की जनता को सटीक और तथ्यों पर आधारित सही जानकारी पहुंचे सके।

'रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ा'
भारत स्थित रूसी दूतावास ने अपने ट्वीट लिखा कि रूस ने यूक्रेन और उसके लोगों के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ा, बल्कि डान्बस में यूक्रेन द्वारा जारी 8 साल के युद्ध को खत्म करने के लिए विशेष सैन्य अभियान चलाया है। इसी के आगे बताया कि रूसी सेना अत्यधिक संयम दिखा रही है और नागरिकों और शहरों पर हमला नहीं कर रही है, केवल सैन्य बुनियादी ढांचे को टारगेट कर रही है।

'रूस सैन्य ढांचे को टारगेट कर रहा'
अपने एक और ट्वीट में रूसी दूतावास ने लिखा कि यूक्रेन से अलग रूसी सेना प्रतिबंधित हथियारों के साथ-साथ नागरिकों को मानव ढाल के रूप में उपयोग नहीं करती है, युद्ध के कैदियों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करती है। वहीं आगे लिखा कि रूस ने बार-बार पहल की और बातचीत और वार्ता के लिए अपनी तत्परता का संकेत दिया।

'यूक्रेन में सभी न्यूक्लियर साइट्स सुरक्षित'
वहीं आगे रूस ने कहा कि यूक्रेन में सभी न्यूक्लियर साइट्स सुरक्षित हैं, जैसा कि आएईए ने भी पुष्टि की है। इन फैक्ट के इसके विपरीत कोई भी जानकारी पक्षपाती और भ्रामक है। इस बीच खबर यह भी है कि रूस ने ब्रिटेन और जर्मनी सहित 36 देशों की एयरलाइनों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारत दवाओं के साथ मानवीय सहायता यूक्रेन भेजेगा।

यूक्रेन के 352 आम नागरिकों की मौत
आपको बता दें कि रूस की तरफ से जारी हमले से यूक्रेन को भारी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के 352 आम नागरिकों की मौत हुई है। इसमें 16 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं एक तरफ जहां यूक्रेन के समर्थन में लातविया की समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके मुताबिक अगर लातविया के लोग रूस से लड़ने लातविया जाना चाहते हैं तो वे जा सकते हैं। तो दूसरी तरफ रूस के समर्थन में बेलारूस भी अपने सैनिकों को यूक्रेन की जंग में उतारने जा रहा है।












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