बेंगलुरु: सवालों के घेरे में महानगर पालिका, वैक्सीन देने से पहले हो रहा RT-PCR टेस्ट
बेंगलुरु, 2 जुलाई: पूरे देश में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान जारी है। इस बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में महानगर पालिका के नए नियम पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि उसकी टीम टीका लगवाने आ रहे सभी लोगों की RT-PCR जांच कर रही है, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसी कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अगर बेंगलुरु में किसी को टीका लगवाना है, तो पहले उसकी कोरोना जांच की जा रही है। मामले में डोड्डाबिदारकल्लू की रहने वाली 80 वर्षीय शांता ने कहा कि वो कोविशील्ड की दूसरी खुराक लेना चाहती थीं। इसके लिए वो बगलगुंटे के एमईआई खेल मैदान में 11.30 बजे पहुंची। वहां पर एक घंटे लाइन लगाने के बाद 12.30 के करीब उनकी टीकाकरण क्षेत्र में एंट्री हुई। इस पर बीबीएमपी पीएचसी स्टाफ ने उन्हें RT-PCR के लिए स्वैब सैंपल देने को कहा, जिस पर वो हैरान रह गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक ये साफतौर पर कीमती संसाधनों की बर्बादी है। इसके अलावा हो सकता है ये लोगों को टीकाकरण स्थल से दूर रखने के लिए किया जा रहा, क्योंकि लोग कोरोना टेस्ट से डरते हैं और अभी सभी सेंटर्स पर टीके की कमी है। वहीं अखबार ने एक कर्मचारी के हवाले से बताया कि उन्हें टेस्टिंग का टारगेट पूरा करने और इसे बढ़ाने के लिए कहा गया है। जिस वजह से वो ऐसा कर रहे हैं। फिलहाल वजह चाहे जो हो वैक्सीन के लिए आने वाले लोगों की जांच करने से कर्नाटक सरकार और महानगर पालिका प्रशासन पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।












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