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आरएसएस प्रचारक बोले- बढ़ते अपराध के पीछे भैंस का दूध, किया गाय के गुणों का बखान

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्‍ठ प्रचारक और गौ सेवा का जिम्‍मा संभालने वाले शंकरलाल का मानना है कि देश में अपराध के बढ़ते ग्राफ के पीछे मुख्‍य वजह भैंस और जर्सी गाय के दूध है। आरएसएस प्रचारक का कहना है कि भैंस का दूध तामसी होता है, जो कि क्रोध का प्रमुख कारक है। शंकर लाल ने भैंस की तुलना में गाय के दूध को सात्विक और शांति प्रदान करने वाला बताया। उन्‍होंने कहा कि देश में गाय के दूध का चलन बढ़ेगा तो अपराध में कमी आएगी।

गाय वातावरण के लिए भी बेहद महत्‍वपूर्ण

गाय वातावरण के लिए भी बेहद महत्‍वपूर्ण

आरएसएस प्रचारक ने गाय न केवल मानव जाति के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बल्कि वातावरण के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने दावा किया कि अगर कोई गाय के दूध का दिया जलाता है तो उससे 100 किलो ऑक्‍सीजन तैयार होती है। शंकरलाल ने दावा किया कि तुलसी के आगे घी का दिया जलाने से ओजोन परत का निर्माण होता है।

 विदेशी गाय की चमड़ी मोटी और खराब

विदेशी गाय की चमड़ी मोटी और खराब

उन्‍होंने दावा किया कि यदि किसी रोगग्रस्‍त व्‍यक्ति के पास दिया जलाया जाए तो उसे ऑक्‍सीजन की कमी नहीं होती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि ये सारे गुण भारतीय गाय में ही होते हैं। शंकर लाल ने कहा कि भारतीय गाय की चमड़ी पतली और सुंदर है, जबकि विदेशी गाय की चमड़ी मोटी और खराब है।

1 गाय और 1 एकड़ जमीन से हर माह 50 हजार कमाएं

1 गाय और 1 एकड़ जमीन से हर माह 50 हजार कमाएं

शंकर लाल ने यह भी कहा कि संघ गाय के जरिए रोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। उन्‍होंने कहा कि 1 गाय और 1 एकड़ जमीन की मदद से हम 50 हजार रुपये प्रति माह बड़ी ही आसानी से कमा सकते हैं। हम दिशा में युवाओं को शिक्षित कर रहे हैं और उन्‍हें यह भी बता रहे हैं कि गाय के दूध, गौमूत्र और गोबर से कैसे अलग-अलग उत्‍पाद बनाए जा सकते हैं।

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