मोहन भागवत के बयान पर तोगड़िया का पलटवार, बोले- चुनाव नजदीक आया तो आई राम मंदिर की याद
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से राम मंदिर के लिए कानून बनाने की मांग पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि जब चुनाव नजदीक आता है तब हिंदुओं की भावनाएं और भगवान राम की याद आई है। तोगड़िया ने कहा कि 4 राज्यों के अलावा जल्द ही केंद्र में ही चुनाव नजदीक है तब हिंदुओं की भावनाएं और भगवान राम की याद आई। अब तक क्यों चुप रहे हैं?

तब कहा था सरकार आई तो कानून बनाकर करेंगे मंदिर निर्माण
तोगड़ियां ने बयान जारी करते हुए कहा कि 1989 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कहा गया था कि संसद में पूर्ण बहुमत में सरकार आएगी तब कानून बनाकर भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। तोगड़ियां ने कहा कि इसे वादे के भरोसे सैकड़ों हिंदुओं ने अपने प्राण दिए। हजारों लोग जेल गए। और अब तक केंद्र में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है तब पिछले साढ़े चार साल से रामभक्तों की आवाज को दबाया जा रहा है।

तोगड़िया का सरकार को अल्टीमेटम
इसके साथ-साथ प्रवीण तोगड़िया ने मोदी सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 21 अक्टूबर से पहले केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर पर अध्यादेश लाकर संसद का विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाए। बता दें कि विजयदशमी के अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भावगत ने कहा है कि किसी भी रास्ते से राम मंदिर का निर्माण जरूर होना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को कानून लाना चाहिए। भागवत ने कहा कि लोग कहते हैं कि इनकी सत्ता है फिर भी मंदिर का निर्माण क्यों नहीं हो रहा है।

सरकार और बीजेपी को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए
प्रवीण तोगड़िया ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाने में हुई साल की देरी के लिए सरकार और भाजपा और आरएसएस को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। तोगड़िया ने कहा कि जब कानून की मांग के लिए अनशन पर बैठे संत परमहंसदास को जब यूपी पुलिस घसीटकर ले गई तब बौद्धिक ज्ञान देने वाले लोग कहा थे।
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