बीरभूम हिंसा: राज्यसभा में रो पड़ीं भाजपा सांसद रूपा गांगुली, बोलीं- प्रदेश में लगाया जाए राष्ट्रपति शासन
नई दिल्ली, 25 मार्च। पश्चिम बंगाल में बीरभूम हिंसा की आज कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने 7 अप्रैल तक इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। वहीं राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल से सांसद रूपा गांगुली ने इस मुद्दे को उठाया। इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाते हुए रूपा गांगुली भावुक हो गईं और रो पड़ीं। रूपा गांगुली ने कहा कि हम मांग करते हैं कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन को लगाया जाए। यहां पर बड़ी संख्या पर लोगों की हत्या हो रही है, लोग घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।

रूपा गांगुली ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 8 लोगों को जलाकर मार दिया गया, लोगों को पुलिस पर भरोसा नहीं है। दो दिन पहले ही ऑटोप्सी रिपोर्ट आई, जिसमे है कि पहले इन लोगों का हाथ पैर तोड़ा गया, फिर कमरे में बंद करके उन्हें जला दिया। यहां एक-एक करके लोग भाग रहे हैं, बच्चे-बूढ़े सब भाग रहे हैं, यहां लोग जीने लायक नहीं रह गए हैं। पश्चिम बंगाल भारत का अंग है, हमे पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन चाहिए, यह अपराध नहीं है कि हमने पश्चिम बंगाल में जन्म लिया, यह मां काली की भूमि है। रूपा गांगुली जब सदन में अपना बयान दे रही थीं तो टीएमसी सांसदों ने जमकर हंगामा किया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के बीरभू में हुई हिंसा के बाद ममता सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। लेकिन भाजपा इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। वहीं इस घटना के बाद टीएमसी सांसद बिस्वजीत देब ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की आबादी 11 करोड़ है और आधी रात को ऐसी घटना होती है तो पुलिस क्या कर सकती है। उनके इस बयान पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इनकी पुलिस रात को सो रही होती है, ये कहना चाहते हैं कि 11 करोड़ लोगों की इनकी सरकार और पुलिस रक्षा नहीं कर सकती है।












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