पुलिस को चकमा दे कैसे सबसे पहले लखीमपुर खीरी पहुंचे थे जयंत चौधरी, किया था ये काम
नई

जयंत ने रविवार शाम को ही कर दिया था लखीमपुर जाने का ऐलान
किसानों के साथ हिंसा की खबर आने के बाद रविवार शाम को जयंत चौधरी ने ट्वीट कर कहा था कि वो सुबह वो लखीमपुर के लिए निकलेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। दिल्ली के बसंत कुंज स्थित आवास से वो करीब आठ बजे निकल गए और उनका प्रशासन से पहला टकराव हापुड़ में हुआ। यहां जयंत के समर्थकों ने गढ़मुक्तेश्वर में टोल नाके को तोड़ दिया और वो आगे बढ़ गए। इसका वीडियो भी सामने आया।
मुंह पर गमछा लपेट जाते दिखे
जयंत के हापुड़ से निकलने के बाद करीब 11 बजे राष्ट्रीय लोकदल की ओर से एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें जयंत अकेले मुंह को गमछे से लपेटकर पुलिस से बचकर निकलते दिखे। इसे ट्विटर पर शेयर करते हुए जयंत ने लिखा कि वो रास्ते में हैं। इसके बाद शाम तक जयंत की कोई जानकारी नहीं मिली। करीब 9-10 बजे ये पता चला कि जयंत लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में मृतक किसानों के परिवारों से मिल रहे हैं और उन्हें ढांढ़स बंधा रहे हैं। शहर में आने के सभी रास्तों पर तैनाती थी, ऐसे में पुलिस भी हैरान रह गई कि ये नेता कैसे पहुंचा।
इस तरकीब से पहुंच गए जयंत
सोमवार सुबह जयंत चौधरी ने मृतक किसानों के परिवारों के साथ मुलाकात की तस्वीरें शेयर कर बताया कि वहां कैसे लोगों में दुख है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में बताया कि लखीमपुर के लिए उन्होंने हाइवे लेने की जगह छोटे रास्तों को चुना और कई बार गाड़ी बदली। इसमें उनको 13 घंटे लगे लेकिन वो पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। जयंत के समर्थकों ने बताया कि गांव के पास पहुंचकर कई किमी पैदल भी उनको जंगल के रास्ते चलना पड़ा था।












Click it and Unblock the Notifications