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पुलिस को चकमा दे कैसे सबसे पहले लखीमपुर खीरी पहुंचे थे जयंत चौधरी, किया था ये काम

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नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: रविवार शाम को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचले जाने की घटना हुई थी। जिसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आरोपी हैं। इस घटना की खबर आने के बाद तमाम विपक्ष के नेताओं ने सोमवार सुबह को लखीमपुर जाने की बात कही, वहीं प्रियंका गांधी रात को ही निकल गई। पुलिस ने लखीमपुर और आसपास के जिलों में बेहद सख्त पहरा बैठा दिया और किसी भी नेता को जाने नहीं दिया। प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में भी लिए गए। सोमवार को अगर कोई लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों के पास तक पहुंचा तो वो थे राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी। आखिर जयंत पुलिस को चकमा देकर वहां तक कैसे पहुंच गए।

जयंत ने रविवार शाम को ही कर दिया था लखीमपुर जाने का ऐलान

जयंत ने रविवार शाम को ही कर दिया था लखीमपुर जाने का ऐलान

किसानों के साथ हिंसा की खबर आने के बाद रविवार शाम को जयंत चौधरी ने ट्वीट कर कहा था कि वो सुबह वो लखीमपुर के लिए निकलेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। दिल्ली के बसंत कुंज स्थित आवास से वो करीब आठ बजे निकल गए और उनका प्रशासन से पहला टकराव हापुड़ में हुआ। यहां जयंत के समर्थकों ने गढ़मुक्तेश्वर में टोल नाके को तोड़ दिया और वो आगे बढ़ गए। इसका वीडियो भी सामने आया।

मुंह पर गमछा लपेट जाते दिखे

जयंत के हापुड़ से निकलने के बाद करीब 11 बजे राष्ट्रीय लोकदल की ओर से एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें जयंत अकेले मुंह को गमछे से लपेटकर पुलिस से बचकर निकलते दिखे। इसे ट्विटर पर शेयर करते हुए जयंत ने लिखा कि वो रास्ते में हैं। इसके बाद शाम तक जयंत की कोई जानकारी नहीं मिली। करीब 9-10 बजे ये पता चला कि जयंत लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में मृतक किसानों के परिवारों से मिल रहे हैं और उन्हें ढांढ़स बंधा रहे हैं। शहर में आने के सभी रास्तों पर तैनाती थी, ऐसे में पुलिस भी हैरान रह गई कि ये नेता कैसे पहुंचा।

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इस तरकीब से पहुंच गए जयंत

सोमवार सुबह जयंत चौधरी ने मृतक किसानों के परिवारों के साथ मुलाकात की तस्वीरें शेयर कर बताया कि वहां कैसे लोगों में दुख है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में बताया कि लखीमपुर के लिए उन्होंने हाइवे लेने की जगह छोटे रास्तों को चुना और कई बार गाड़ी बदली। इसमें उनको 13 घंटे लगे लेकिन वो पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। जयंत के समर्थकों ने बताया कि गांव के पास पहुंचकर कई किमी पैदल भी उनको जंगल के रास्ते चलना पड़ा था।

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English summary
rld president jayant chaudhary who reach Lakhimpuri Kheri monday night despite thousands of cops deployed
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