जाते-जाते कोरोना संकट पर बहुत बड़ी बात बोल गए थे ऋषि कपूर
नई दिल्ली- लगता है कि ऋषि कपूर को अपनी मौत का एहसास पहले ही हो गया था। इसलिए वह देश पर छाए कोरोना वायरस संकट को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित थे। वह चाहते थे कि भारत जल्द से जल्द इस वैश्विक महामारी के संकट से उबर कर बाहर आ जाए। इसके लिए वह सरकार की ओर से सख्त से सख्त कदम उठाने की भी मांग कर रहे थे। असल में वह उस समय देश में अचानक कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ने से बहुत परेशान थे और चाहते थे, यह सिलसिला किसी भी तरह से रुक जाए, चाहे इसके लिए जितना भी कठोर कदम क्यों न उठाना पड़ जाय। यहां तक कि इसके लिए उन्होंने आपातकाल तक लगाने और सेना को मैदान में उतारने की भी मांग तक कर चुके थे।
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31 मार्च, 2020 को ऋषि कपूर ने बड़ी मांग की थी
पिछले 31 मार्च को ऋषि कपूर ने जब सरकार के सामने अपनी बड़ी मांगें रखी थीं, तब देश में कोरोना संक्रमण के मामले अचानक बढ़ने शुरू हुए थे। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों से निकले मामलों ने आंकड़े को 1400 को पार कर दिया था। कोरोना से मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा था। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकले जमातियों और उनके संपर्कों की तलाश करना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लोगों के लिए नामुमकिन सा लगने लगा था। शायद ऋषि कपूर को उसी वक्त इल्म हो गया था कि मरकज में शामिल हुए हजारों लोगों की वजह से कोरोना के पूरे देश में फैलने की आशंका है। क्योंकि, उस वक्त तो संक्रमितों के मामलों में जमातियों का ही बोलवाला नजर आ रहा था और वह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा था।

खराब टेस्टिंग किट और प्रोटेक्शन गियर को लेकर किया था आगाह
वो ऐसा वक्त था जब बॉलीवुड का वो मशहूर सितारा कोरोना संकट को लेकर लगातार ट्विटर पर अपनी बातें रखता जा रहा था। उन्होंने सरकारों को जाली टेस्टिंग किट और निम्न दर्जे वाले प्रोटेक्शन गियर को लेकर भी आगाह करने की कोशिश की थी। जब पीएम मोदी ने देश को कोरोना जैसे संकट से बचाने के लिए लॉकडाउन जैसा बड़ा कदम उठाया तो उन्होंने उनके फैसले की तारीफ भी की थी। ऋषि कपूर ने देशवासियों से लॉकडाउन के नियमों को मानने और उसमें सहयोग करने की भी अपील की थी। हालांकि पीएम मोदी का समर्थन करने की वजह से उन्हें कुछ यूजर्स के ट्रोल का भी सामना करना पड़ा, लेकिन, उन्होंने सिर्फ एक बात कहकर सबकी जुबान बंद कर दी कि देश के बारे उन्हें किसी तरह का मजाक बर्दाश्त नहीं होगा।
सेना के इस्तेमाल और इमरजेंसी की मांग की थी
देश कोरोना से लड़ रहा था और बॉलीवुड का वो महान हीरो खुद अंदर से कैंसर से संघर्ष कर रहा था और उसका दिलो-दिमाग कोरोना के खिलाफ जंग में जुटा हुआ था। जिंदगी की आखिरी दौड़ में भी वह देश की सुरक्षा को लेकर परेशान हो रहे थे। उन्हें इस बात का टेंशन था कि जिस तरह कुछ जमातियों की वजह से देश का संकट कई गुना बढ़ गया है, यदि कुछ और ऐसे मामले निकल गए तो भारत को संभालना मुश्किल हो जाएगा। इसी बात से परेशान होकर शायद उन्होंने 31 मार्च, 2020 को रात 10 बजकर 33 मिनट अपना वह ऐतिहासिक ट्वीट लिखा, जिसमें देश के प्रति डर भी दिखता है और भारत को बचाने की बेचैनी की झलक भी महसूस होती है। उन्होंने ट्वीट किया, "आज ये हुआ, कल क्या-क्या होना है? यही वजह है कि मैं कहता हूं कि सेना को बाहर निकालना चाहिए। इमरजेंसी।"

टैलेंट के पावरहाउस थे- पीएम मोदी
पीएम मोदी भी बॉलीवुड के ऐसे जीवंत अभिनेता के निधन से बहुत आहत हुए हैं। उन्होंने ट्विटर पर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है- 'ऋषि कपूर जी बहुआयामी, प्रिय और जिंदादिल थे.....वह टैलेंट के पावरहाउस थे। सोशल मीडिया पर उनके साथ हुई बातचीत मुझे हमेशा याद रहेगी। वह फिल्मों और भारत की तरक्की को लेकर बहुत ही उत्साही थे। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम् शांति।'
ट्विटर पर ऋषि कपूर का आखिरी संदेश
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे ऋषि कपूर अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी कोरोना से देश को बचाने की तो सोच ही रहे थे, देश भर में कोरोना वॉरियर्स पर हो रहे हमलों ने भी उन्हें बहुत ही आहत किया था। वह बीमारी की हालत में भी इन घटनाओं स्तब्ध होकर रह गए थे। उन्होंने अपने जीवन का जो अंतिम ट्वीट लिखा वह भी ऐसे ही कर्मवीर कोरोना योद्धाओं को समर्पित था। उन्होंने लिखा, 'सभी सामाजिक हैसियत और धर्मों के भाइयों और बहनों से एक अपील। कृप्या हिंसा, पत्थरबाजी या लिंचिंग का सहारा न लें। डॉक्टर, नर्सें, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी आदि....आपको बचाने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। इस कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को हम सबको मिलकर जीतना है। प्लीज। जय हिंद! '

ऋषि के परिवार का बयान
बॉलीवुड का सदाबहार सितारा आज हम सबको छोड़कर हमेशा के लिए जा चुका है। उनके निधन पर परिवार वालों ने एक बयान जारी कर कहा है कि, हमारे प्रिय ऋषि कपूर का आज सुबह अस्पताल में 8:45 बजे निधन हो गया। वो बीते दो साल से ल्यूकेमिया के साथ लड़ाई लड़ रहे थे। अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बताया कि उन्होंने अंतिम समय तक उनका मनोरंजन किया। पिछले साल वो जब विदेश से इलाज करवाकर वापस लौटे थे, तो काफी खुश थे और हर किसी से मिलना चाहते थे,लेकिन ये बीमारी उनसे दूर नहीं जा सकी।












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