'पिता के निधन के बाद भी वो बैठक में आए...', VHP नेता ने बताई मोदी के 1989 के दुख भरे दिन की कहानी
1989 में पीएम मोदी के पिता का निधन हुआ था। उस दिन भी वो एक बैठक में शामिल होने पहुंच गए थे। VHP नेता ने उनके साथ बिताए पुराने लम्हों को याद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने 100 साल की उम्र में अहमदाबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के मिलते ही पीएम मोदी दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचे और मां के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इसके बाद वो अपने काम में जुट गए और बंगाल में वंदे भारत ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। ऐसे में काम के प्रति उनके समर्पण को देखकर लोग हैरान रह गए। अब विश्व हिंदू परिषद के महासचिव दिलीप त्रिवेदी ने उनके साथ हुए पुराने अनुभवों को याद किया है।
त्रिवेदी के मुताबिक 1989 में नरेंद्र मोदी के पिता की मृत्यु हो गई थी। उस दिन ही अहमदाबाद में पार्टी की एक अहम बैठक थी। लोगों को लगा मोदी नहीं आएंगे, लेकिन मीटिंग शुरू होते ही सभी हैरान रह गए। नरेंद्र मोदी ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया और वो फिर सीधे मीटिंग में पहुंच गए, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने हीरा बा को मुखाग्नि देने के बाद अपने अन्य कार्यों को किया।
त्रिवेदी के मुताबिक वहां मौजूद हर कोई उनकी निष्ठा देखकर हैरान था। उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने नरेंद्र मोदी से बैठक के बाद पूछ ही लिया कि आखिर वो कैसे ऐसी परिस्थितियों के बाद बैठक में पहुंचे। तब मोदी ने जवाब दिया था कि उन्हें पार्टी के लिए भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की जरूरत है। ये एक प्रेरणादायक क्षण था। त्रिवेदी के मुताबिक सभी कार्यकर्ताओं को उनसे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण सीखने को मिलता है।
परिवार ने भी लोगों से की थी ये अपील
वहीं हीराबेन के निधन के बाद उनके परिवार ने भी अपील की थी कि सभी उन्हें उचित श्रद्धांजलि देने के बाद अपने निर्धारित कार्य को जारी रखें। पीएम मोदी ने बंगाल में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद वो कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।












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