RG Kar case: कोलकाता ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर के दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा, मरते दम तक रहेगा जेल में
RG Kar Doctor Case Verdict : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और आत्महत्या मामले में सियालदह कोर्ट ने सोमवार 20 जनवरी को फैसला सुना दिया है। दोषी संजय रॉय को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। संजय रॉय अब आखिरी सांस तक जेल में रहेगा। अदालत ने 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
8-9 अगस्त 2024 की रात 31 वर्षीय ड्यूटी पर तैनात ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या की गई है। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। इस मामले में CCTV फुटेज के आधार संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने इस मामले में जांच की और कोर्ट ने 18 जनवरी 2025 को संजय रॉय को दोषी करार दिया।

पीड़ित परिवार ने मुआवजा लेने किया इनकार
सियालदह कोर्ट के जज अनिरबन दास ने कहा कि यह दुर्लभतम मामला नहीं है। पीड़िता के परिवार को पीड़िता की मौत के लिए 10 लाख रुपये और 7 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। हालांकि पीड़ित डॉक्टर के परिवार वालों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।
सुनवाई के दौरान, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मृत्युदंड पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए मौत की सजा की जोरदार वकालत की थी। अपराध की गंभीरता पर जोर देते हुए, सीबीआई ने कहा था, "ऐसा अपराध करना दुर्लभतम अपराधों में से एक है। दो धाराओं में मृत्युदंड का प्रावधान है। यह मामला दुर्लभ दंड की श्रेणी में आता है ताकि यह मिसाल कायम करे और समाज में विश्वास पैदा करे।''
What is the R G Kar rape-murder case: जानिए क्या हुआ था 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर के साथ?
पिछले साल 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के सरकारी आर जी कर अस्पताल में 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। पीड़िता का शव अस्पताल के सेमिनार रूम में मिला था। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया और पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने न्याय और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा के कड़े उपायों की मांग करते हुए लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया।
बलात्कार और हत्या के मामले में घटना के तीन महीने बाद 11 नवंबर 2024 को कोलकाता की एक अदालत में मुकदमा शुरू हुआ। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर केस केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई। 9 जनवरी 2025 को मुकदमा पूरा हो गया था। सीबीआई ने दोषी संजय रॉय के लिए "अधिकतम सजा" की मांग की थी।












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