कापू समुदाय को आरक्षण देने के खिलाफ आंध्र प्रदेश में पिछड़ी जातियों का प्रदर्शन
अमरावती। आंध्र प्रदेश में कापू समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में पांच फीसदी आरक्षण देने के राज्य सरकार के खिलाफ पिछड़ी जातियां विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। शनिवार को राज्य में कई जगहों पर पिछड़ों की राजनीति करने वाले नेताओं ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पुतके फूंके और प्रदर्शन किया। वायएसआर कांग्रेस के नेचा पिल्ली सुभाष चंद्र के नेतृत्व में विरोध प्रदर्षशन हुए, बस रोकी गईं और तोड़फोड़ की भी छुटपुट घटनाएं हुईं। राज्य सरकार में मंत्री मलाड़ी कृष्णा रोव ने भी विरोध प्रदर्शन में शिरकत की। पिछड़ी जातियों के नेता और विधायक सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वो इस फैसले को वापस लें। बताया जा रहा है कि पिछड़ी जाति से आने वाले कई नेता आने वाले समय में इस्तीफा देकर सरकार पर दबाव बनाने का काम कर सकते हैं।

आंध्र प्रदेश विधानसभा ने शनिवार को कापू समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में पांच फीसदी आरक्षण देने वाले विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया है। कापू समुदाय को अब एक नई कैटगरी बीसी (एफ) बनाकर अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाएगा। पिछ़़ड़ी जातियों का इसको लेकर विरोध है, इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि कापू समुदाय को आंध्र प्रदेश में राजनीतिक और आर्थिक हैसियत से काफी मजबूत माना जाता है।
मनजुनाथा कमीशन की सिफारिशों पर सहमति के बाद कापू समुदाय को आरक्षण देने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य विधानसभा में बिल पेश किया। कापू समुदाय काफी समय से सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर मुद्रागाडा पद्मनाभम और समुदाय के दूसरे नेताओं के नेतृत्व में आंदोलन कर रहा था। कापू के अंदर तेलगा, बालिजा और ओंटारी समुदाय आते हैं। आन्ध्र प्रदेश में ओबीसी को ए, बी, सी, डी और ई कैटगरी के तहत 25 फीसदी आरक्षण आरक्षण का लाभ मिल रहा है। कापू समुदाय को पांच फीसदी रिजर्वेशन मिल जाने के बाद ओबीसी आरक्षण 30 फीसदी तक पहुंच जाएगा।












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