दुनियाभर के सताए लोगों का गढ़ बना भारत
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब भारत अपने देश में गृह युद्ध से लेकर अन्य किसी कारण से सताए हुए लोगों से लेकर तस्लीमा नसरीन जैसे लेखकों के लिए शरणस्थल का काम भी कर रहा है।

यहां पर फिलहाल करीब पांच लाख विदेशी नगारिक शरणार्थी की हैसियत से रहे हैं। इनमें श्रीलंका, म्यांमार, तिब्बत, अफगानिस्तान, सूडान, सोमालिया के नागरिक शामिल हैं। सबसे ज्यादा शरणार्थी तिब्बत से हैं। इनकी तादाद करीब सवा लाख है। इसमें वे शामिल नहीं हैं जो अब भारत के नागरिक बन गए हैं।
दिल्ली में ये ज्यादातर मजनूं का टीला इलाके में रहते हैं। इनके लिए यहां पर एक बस्ती बनाई गई थीैं। इनके अलावा एक लाख से कुछ अधिक श्रीलंका के, दस हजार से कुछ ज्यादा अफगनिस्तान के और करीब पांच हजार म्यांमार के नागरिक रहते हैं।












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