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CAA: रविशंकर प्रसाद बोले- हिंसा के पीछे पीएफआई का हाथ, सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई

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नई दिल्ली। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जुलूसों में हिंसा के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका होने की बात सामने आई है। प्रसाद ने कहा कि इस संगठन पर बैन या दूसरी कार्रवाई को लेकर आगे क्या करना है इसका फैसला सबूतों के आधार पर गृह मंत्रालय करेगा।

Ravi Shankar Prasad PFI role in violence is coming forward will decide on further action based on evidence

बुधवार को प्रसाद ने कहा कि पीएफआई के तार प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़े होने के भी कई आरोप हैं। इसकी भी जांच होगी। वहीं केरल में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास होने को लेकर कानून मंत्री ने कहा कि ऐसा करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, आश्चर्य की बात है कि जो संविधान की शपथ लेकर आए हैं। नागरिकता पर कानून बनाने का अधिकार पार्लियामेंट से पास है, राज्य विधानसभा के पास नहीं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता कानून के दौरान प्रदर्शनों में हिंसा और आगजनी के पीछे पीएफआई के मास्टरमाइंड होने की बात कही है। यूपी पुलिस की ओर ये भी कहा गया है कि वो केंद्र से सिफारिश करने जा रहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाया जाए। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद यूपी के 22 जिलों में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई। इस हिंसा में लखनऊ व शामली व अन्य जिलों से पीएफआई के 22 पदाधिकारी व सदस्य गिरफ्तार हुए हैं।

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English summary
Ravi Shankar Prasad PFI role in violence is coming forward will decide on further action based on evidence
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