बैंगलोर से लखनऊ आ रही बच्ची हुई खूनी चूहे की शिकार

खा बात यह है कि ट्रेनों में छोटी मोटी चुहिया नहीं बल्कि मोटे-मोटे चूहे हैं, जो पहले यात्रियों के छोडे गए भोजन पर टूट पड़ते हैं और फिर उनके बैग और सामान कुतर डालते हैं। इतना ही नहीं अब चूहे यात्रियों को भी काट रहें हैं। सोमवार 9 दिसंबर को बैंगलोर से चली यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस की एस-9 कोच में सात वर्षीया बच्ची इप्शिता को काट खाया। इसके अलावा लखनऊ के यात्री संजीव कुमार के 6 बैग चूहों ने काट डाले।
यात्रियों ने जब इसकी शिकायत टीटी से की तो उन्होंने कहा की चलती ट्रेन में चूहों को मरने या पकड़ने की कोई व्यवस्था रेलवे ने नहीं की है और वो कुछ नहीं कर सकते। ट्रेनों की स्लीपर कोच में छोटी चुहिया तो अक्सर घूमती दिखती हैं, लेकिन ये यात्रियों को भोजन पर ही हाथ साफ़ करती हैं और सामान को नुक्सान नहीं पहुचाती, लेकिन ये खरगोश जैसे चूहे तो प्लातेफ़ोर्म से होते हुए अब कोच जा पहुचे हैं और ये निडर चूहे रेल यात्रियों को ही भोजन समझने लगे हैं। आपको पता होना चाहए की चूहे के काटने से रेबीज होने का भी खतरा रहता है।












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