Ranchi Air Ambulance Crash: किस कंपनी की थी एयर एंबुलेंस? मरने वालों में 7 लोग कौन, कैसे हुआ क्रैश? हर डिटेल
Air Ambulance Crash: झारखंड के चतरा-सिमरिया के पास आसमान में उठी एक उड़ान कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। रांची हवाई अड्डा से शाम करीब 7:10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई इमरजेंसी एयर एम्बुलेंस उड़ान संख्या VTAJV ने जिंदगी बचाने का सफर शुरू किया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उड़ान भरने के चंद मिनटों बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो अटेंडेंट, पायलट और सह-पायलट-सातों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
इस हादसे ने न सिर्फ सात परिवारों की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि हवाई सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 जनवरी को अजित पवार के प्लेन क्रैश की घटना के बाद यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसने लोगों के मन में दहशत और प्राइवेट विमान सेवाओं की सुरक्षा को लेकर शंका को और गहरा कर दिया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने आसमान में उड़ान भरने वाली निजी कंपनियों की जवाबदेही पर बहस तेज कर दी है। आइए जानते हैं इस विमान में मरने वाले लोग कौन थे, आखिर किस कंपनी की थी एयर एंबुलेंस? कैसे हुआ ये क्रैश?

कौन थे वो 7 यात्री, जिनकी हुई मौत?
41 वर्षीय मरीज संजय कुमार गंभीर जलने की चोटों के कारण देव कमल अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। इस रेड बर्ड एयरवेज की उड़ान में उनके साथ डॉ. विकास कुमार गुप्ता, रितेश कुमार, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और ध्रुव कुमार भी मौजूद थे। कमांडर-इन-पायलट विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे।
किस कंपनी का थी एयर एंबुलेंस
उड़ान संख्या VTAJV एक बीचक्राफ्ट किंग एयर BE9L विमान था, जिसका संचालन Redbird Airways Pvt. Ltd. द्वारा किया जाता है। VT-AJV बीचक्राफ्ट किंग एयर BE9L विमान ने रांची से 1337 UTC (1907 IST) पर उड़ान भरी थी। इसने F180 की मांग की थी, लेकिन यह F140 पर उड़ान भर रहा था, जिसका दिल्ली पहुंचने का अनुमानित समय 1630 UTC (2200 IST) था।
कैसे हुआ विमान हादसा?
रांची एटीसी ने 6,000 फीट पार करने के बाद विमान को कोलकाता एरिया कंट्रोल को सौंप दिया था। इसका अंतिम रेडियो संपर्क 1404 UTC (1934 IST) पर कोलकाता एरिया कंट्रोल (UKW सेक्टर) के साथ हुआ। इसके बाद, विमान वाराणसी या लखनऊ एटीसी से संपर्क स्थापित नहीं कर सका।
वाराणसी एटीसी द्वारा रडार रीप्ले के अनुसार, अंतिम रडार संपर्क 1352 UTC (1922 IST) पर दर्ज किया गया था। यह विमान रांची से लगभग 40 समुद्री मील दूर F138 पर था और अपने निर्धारित मार्ग से दाहिनी ओर भटक गया था।
संपर्क टूटने के बाद, 1435 UTC (2005 IST) पर कोलकाता में बचाव समन्वय केंद्र (RCC) को सक्रिय कर दिया गया। पलामू के पास अंतिम ज्ञात स्थान के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को खोज और बचाव कार्यों में सहायता के लिए सूचित किया गया।
किस वजह से हुआ विमान हादसा?
अधिकारियों ने खराब मौसम या तकनीकी खराबी को घटना का संभावित कारण बताया है। मौके पर दुर्घटनाग्रस्त विमान के प्रोपेलर और इंजन के हिस्सों जैसे टुकड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस विमान हादसे की जांच शुरू हो चुकी है और जांच रिपोर्ट आने पर ही हादस की असली वजह का पता चलेगा।












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