राज्यसभा में पास हुआ SC/ST बिल, पलट गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। एससी/एसटी संशोधन बिल 2018 गुरुवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। लोकसभा में इस बिल को बुधवार को ही पास कर दिया गया था। इस बिल के पास होते ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर लगाई गई रोक भी समाप्त हो गई। बता दें कि शीर्ष अदालत ने इसी साल 19 मई को एससी-एसटी एक्ट के तहत शिकायत मिलने पर तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। उच्चतम न्यायालय ने बड़े पैमाने पर इस कानून के गलत इस्तेमाल का हवाला देते इस एक्ट में पर रोक लगा दी थी।

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शीर्ष अदालत ने सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार करने से पहले उससे जुड़े विभाग के शीर्ष अधिकारी की अनुमति भी अनिवार्य कर दी थी। इसके बाद सरकार को दलित संगठनों केसाथ ही अपने सहयोगी दलों और पार्टी के एससी-एसटी सांसदों के भी विरोध का सामना करना पड़ा था।

इस विधेयक पर चर्चा करते हुए सामाजिक अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि, कि मोदी सरकार दलितों के हितों के लिए हमेशा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि हम समाज के पिछड़े वर्ग के प्रति जो प्रतिबद्धता है वह किसी के दवाब में नहीं आई है।

उन्होंने सभी सांसदों से विधेयक का समर्थन कर कानून को और मजबूत बनाने का आग्रह किया। इसके बाद कई दलों के सदस्यों ने भी सरकार के इस विधेयक पर चर्चा कर इसका समर्थन किया।

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