सिंधिया की मां अपने पीछे जितनी संपत्ति छोड़ गईं, कमाने में उम्र भी कम पड़ जाएगी, महल ही सिर्फ 4000 करोड़ का
Madhavi Raje Scindia Net Worth: ग्वालियर राजघराने की प्रमुख शख्सियत और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का निधन 15 मई को सुबह हुआ। ग्वालियर की 'राजमाता' माधवी राजे सिंधिया अपने पीछे अकूत संपत्ति छोड़ गई हैं।
माधवी राजे सिंधिया एक मशहूर राजनीतिज्ञ और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की पत्नी थीं। माधवराव सिंधिया ग्वालियर राजघराने से संबंध रखथे थे। शादी के बाद माधवी राजे सिंधिया, सिंधिया घराने की बहूरानी बनी थीं।

4 हजार करोड़ के महल में रहती थीं 'राजमाता' माधवी राजे सिंधिया
'राजमाता' माधवी राजे सिंधिया के निधन के बाद से संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं, माधवी राजे सिंधिया, अपने पीछे हजारों करोड़ की संपत्ति छोड़ गई हैं। ग्वालियर के जय विलास महल में जहां ये रहती थीं, उसकी अनुमानित कीमत 4 हजार करोड़ रुपये है। इस महल में 400 कमरे में हैं। जयविलास पैलेस को 1874 में बनवाया गया था। इसको बनवाने में 12 साल से ज्यादा का समय लगा था।

हालांकि सिंधिया राजघराने की संपत्ति को लेकर कई विवाद भी हैं। सिंधिया राजघराने के पास कितनी संपत्ति है, इसका सटीक जवाब भी मुश्किल है। सिंधिया परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया के वक्त से ही शुरू हो गया था। असल में विजयाराजे सिंधिया ने दो वसीयतें बनाई थीं। जिसका केस अभी कोर्ट में चल रहा है। जिन संपत्तियों को लेकर कई अदालतों में विवाद चल रहा है, उनकी अनुमानित कीमत ही करीब 40 हजार करोड़ बताई जाती है। (हालांकि वनइंडिया हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

नेपाल के राणा राजवंश से थीं 'राजमाता' माधवी राजे सिंधिया
राजमाता माधवी राजे सिंधिया नेपाल के राणा राजवंश में जन्मी थीं। ग्वालियर के सिंधिया परिवार को नेपाल के राजघराने से शादी का प्रस्ताव आया था। जिसके बाद माधवराव सिंधिया और माधवी राजे की शादी 8 मई 1966 को दिल्ली में धूमधाम से हुई थी। 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास एक विमान दुर्घटना में माधवराव सिंधिया की दुखद मृत्यु हो गई।
शादी से पहले माधवी राजे सिंधिया, का नाम किरण राज लक्ष्मी था। लेकिन ग्वालियर राजघराने की बहू बनने के बाद परंपरा के मुताबिक, उन्हें माधवी राजे सिंधिया का नया नाम दिया गया।

अपने अच्छे कामों के लिए हमेशा याद रखी जाएंगी माधवी राजे सिंधिया
माधवी राजे सिंधिया शाही परिवार की प्रभावशाली कुलमाता थीं, जो भारतीय राजनीति और समाज में अपने अहम योगदान के लिए जानी जाती थीं।
अपने पूरे जीवन में, राजमाता माधवी राजे परोपकार और समाजसेवा का काम करती रहीं। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने वाले 24 ट्रस्टों की अध्यक्षता की थी। वह लड़कियों की शिक्षा के लिए समर्पित स्कूल, सिंधिया कन्या विद्यालय में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की प्रमुख भी थीं। अपने दिवंगत पति के सम्मान में, उन्होंने महल संग्रहालय के भीतर महाराजा माधवराव सिंधिया द्वितीय गैलरी भी बनवाई थीं।












Click it and Unblock the Notifications