रूडी-कुलस्ते का इस्तीफा, उमा समेत 4 मंत्रियों ने की इस्तीफे की पेशकश
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी में हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि थोक में मंत्रियों का बदलाव होगा और 2 सितंबर को नई कैबिनेट का गठन किया जाएगा। इस बीच 6 मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने स्वास्थ्य कारणों के चलते इस्तीफे की पेशकश की है। इससे पहले राजीव प्रताप रूडी ने इस्तीफा दे दिया है। वो बिहार के सारण से लोकसभा सांसद हैं और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कौशल विकास और उद्यमशीलता थे।

जिन अन्य मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है उनमें एमएसएमई मिनिस्टर कलराज मिश्रा, जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धान के राज्य मंत्री संजीव बाल्यान, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, फग्गन सिंह कुलस्ते और एमएसएमई स्टेट मिनिस्टर गिरिराज सिंह शामिल है।
कुलस्ते से नाखुश थे पीएम मोदी
फग्गन सिंह कुलस्ते जो मोदी सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे उनको मंत्रालय में उनकी अटेंडेन्स और पार्टी के संगठन के प्रोग्राम में ना के बराबर हाजिरी होने से भी अमित शाह और प्रधानमंत्री खुश नहीं थे।
ये हो सकते हैं मंत्रिमंडल में शामिल
राजस्थान से राज्य सभा एमपी ओम माथुर और बागपत के एमपी सत्यपाल सिंह को कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है। बिहार में लालू प्रसाद यादव की आरजेडी से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाली जेडीयू को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। जेडीयू अब एनडीए में शामिल हो चुकी है, लिहाजा उसे कैबिनेट में शामिल करना 2019 की तैयारी में सरकार का एक कदम है।
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि हाल ही में अमित शाह ने उपेंद्र कुशवाहा, राजीव प्रताप रूडी और चौ. बीरेंद्र सिंह को बुलाया था। यह माना जा रहा है कि चौ. बीरेंद्र सिंह को भी कुछ और जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि चूंकि मंत्री किसे रखा जाए या नहीं, इसका अधिकार प्रधानमंत्री को ही है। ऐसे में पार्टी की ओर से नहीं इस बारे में फैसला प्रधानमंत्री को लेना होगा।












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