सुप्रीम कोर्ट ने दिया राजीव गांधी के हत्यारे पेरारिवेलन की रिहाई का आदेश, 31 साल जेल में रहा
नई दिल्ली, 18 मई: राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। वो पिछले 31 साल से जेल में था और तमिलनाडु सरकार ने उसकी रिहाई के लिए याचिका डाली थी। हालांकि बहुत से लोग इसका लगातार विरोध कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर इस फैसले के बाद अब नलिनी श्रीहरन, मरुगन समेत 6 अन्य दोषियों की भी रिहाई का रास्ता आसान हो जाएगा।

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को हुई थी। इस केस में 11 जून 1991 को पेरारिवलन को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि विस्फोट के लिए उसने ही मास्टरमाइंड शिवरासन को दो 9 वोल्ट की बैटरी खरीदकर दी थी। केस की सुनवाई पूरी होने के बाद टाडा अदालत ने 1998 में उसे मौत की सजा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे बरकरार रखा, लेकिन 2014 में इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया। फिर जयललिता और ए. के. पलानीसामी सरकार ने सभी दोषियों की रिहाई की सिफारिश की।
9 मार्च को सर्वोच्च अदालत ने कहा कि पेरारिवलन ने पैरोल के दौरान कोई नियम नहीं तोड़ा, इस वजह से उसे जमानत दी जाती है। इसके बाद सजा माफ करने पर बहस हुई। जिस पर भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के एम नटराज ने कहा कि केंद्रीय कानून के तहत दोषी ठहराए गए शख्स की माफी, दया याचिका पर केवल राष्ट्रपति फैसला ले सकते हैं। इसमें राज्यपाल को कोई अधिकार नहीं है। इस पर खंडपीठ ने उनसे कहा तो अब तक राज्यपालों ने जितने लोगों को माफी दी है, क्या वो सब फैसले अमान्य हैं?
शीर्ष अदालत ने केंद्र के इस सुझाव से सहमत होने से इनकार कर दिया था कि अदालत को राष्ट्रपति के इस मुद्दे पर फैसला करने तक इंतजार करना चाहिए। इसके बाद बुधवार को पेरारिवल की रिहाई का आदेश आया।












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