राजस्थान: राज्यपाल बोले- सीएम ने सत्र बुलाने का कारण ही नहीं बताया, मेरी तरफ से रुकावट की बात गलत
नई दिल्ली। राजस्थान के राज्यपाल कलराजम मिश्र ने कहा है कि उन्होंने कभी भी विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर कोई अड़चन पैदा नहीं की। कांग्रेस की तरफ से लगाए जा रहे जानबूझकर सत्र ना बुलाने और भाजपा के इशारे पर काम करने के आरोपों पर मिश्र ने ये कहा है। उन्होंने कहा कि सीएम अशोक गहलोत ने कोई वजह ही नहीं बताई कि वो क्यों सत्र बुलाना चाहते हैं। मैंने तो कभी सत्र के लिए मना नहीं किया।
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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में कहा है कि राज्य में राजनीतिक हालात अभी सामान्य नहीं हैं। अगर सामान्य हालात होते तो वो विधानसभा सत्र के लिए बिल्कुल इनकार ना करते। राज्यपाल ने कहा, इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की ओर से ये भी साफ नहीं किया गया कि वो सत्र किसलिए बुला रहे हैं। ये एक सामान्य सत्र होगा या फिर विश्वास मत के लिए सत्र बुलाया जा रहा है। ऐसे में ये कह देना कि मैंने सत्र बुलाने में कोई अड़चन डाली ठीक नहीं है।
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच राज्यपाल ने सीएम के विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को लैटा दिया था। जिसक बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी के दूसरे नेताओं ने कलराज मिश्र पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि राज्यपाल संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, अगर वो सत्र नहीं बुलाते हैं तो राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। अशोक गहलोत ने सत्र बुलाने की मांग को लेकर राजभवन पर विधायकों के साथ धरना भी दिया और लोगों के राजभवन घेर लेने की बात भी कही लेकिन राज्यपाल ने सत्र बुलाने की इजाजत नहीं दी। आखिरकार बुधवार को राज्य सरकार के सत्र बुलाने के प्रस्ताव को राज्यपाल ने स्वीकार किया है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र बुलाने की इजाजत दी है।
बता दें कि कांग्रेस नेता सचिन पयलट के बगावती तेवर अपनाने और 18 विधायकों के साथ हरियाणा में डेरा जमाने के बाद राज्य में सियाासी हलचल है। अशोक गहलोत का कहना है कि वो सत्र बुलाकर साबित करना चाहते हैं ताकि उनकी सरकार को लेकर चल रही बातें खत्म हों।












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