जैसलमेर: देवी धुन को ठीक से नहीं गाने पर लोक कलाकार की हत्या, दहशत में मंगनियार गायक
दांतल गांव में जागरण के लिए आए लोक कलाकार आदम खान को गांव के मंदिर के एक पुजारी ने मार दिया था। लोक कलाकार का कसूर बस इतना था कि वह देवी धुन को ठीक से नहीं गा सका।
नई दिल्ली। राजस्थान के जैसलमेर के पोकरण में एक लोक कलाकार की हत्या के बाद 25 मंगनियार गायक परिवार गांव छोड़कर भागने को मजबूर हो गया है। मंगनियार गायक डरे हुए है उनको लग रहा है कि उनकी भी जिंदगी खतरे में है। ये लोग 27 सितंबर को गांव में एक लोक कलाकार की हत्या के बाद से डरे हुए हैं।

दांतल गांव में जागरण के लिए आए लोक कलाकार आदम खान को गांव के मंदिर के एक पुजारी ने मार दिया था। लोक कलाकार का कसूर बस इतना था कि वह देवी धुन को ठीक से नहीं गा सका। राजस्थान के जैसलमेर जिले के दांतल गांव में लोक गायक अहमद खान एक धार्मिक कार्यक्रम में भजन गा रहे थे। पुलिस के मुताबिक पुजारी रमेश सुथूर ने गायक के भजन में कुछ गलतियों को लेकर टोका जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया।
अहमद खान लंगा मांगणियार समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जो पीढ़ियों से हिंदुओं के धार्मिक कार्यक्रमों और मंदिरों में भजन गाते हैं। कार्यक्रम के दौरान पुजारी ने अहमद खान से भजन बदलने की बात कही, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया। पुलिस ने कहा कि पुजारी रमेश सूथार और उसके साथियों ने अहमद खान के वाद्य यंत्र तोड़े और उसकी हत्या कर दी।
गांव के भोपा समुदाय का मानना है कि गीत से उनके शरीर में देवी की शक्ति आती है। जब आरोपी भोपा यानी पुजारी रमेश कुमार को लगा कि आमद खान ठीक ढंग से देवी गीत नहीं गा रहा है तब उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर कथित तौर पर अहमद खान पर हमला कर दिया। बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगनियार गायकों के रहने का इंतजाम किया है और मामले की जांच कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications