'यू इडियट...', सावरकर पर बयान को लेकर राहुल गांधी पर भड़के राज ठाकरे
राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए राज ठाकरे ने कहा, 'यू इडियट...किस हैसियत से आप सावरकर के ऊपर बयान दे रहे हैं, जिन्होंने जेल में रहकर ना जाने कितनी यातनाएं सहीं।'
rahul gandhi remarks on savarkar: सावरकर को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के दिए गए बयान पर राजनीति गर्माई हुई है। इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। रविवार को एक रैली में राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए राज ठाकरे ने कहा, 'यू इडियट...किस हैसियत से आप सावरकर के ऊपर बयान दे रहे हैं, जिन्होंने जेल में रहकर ना जाने कितनी यातनाएं सहीं।'

'राहुल के पास इतनी बुद्धि नहीं कि वो सावरकर को समझ सकें'
आपको बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने सावरकर की तरफ से लिखी गई एक चिट्ठी के हवाले से दावा किया कि उन्होंने जेल से निकलने के लिए अंग्रेज सरकार से माफी मांगी थी। इस बयान को लेकर राज ठाकरे ने कहा, 'राहुल गांधी के पास इतनी बुद्धि नहीं है कि वो इस बात को समझ सकें कि सावरकर की वो चिट्ठी, उनकी एक रणनीति का हिस्सा थी। इसे अंग्रेजों के सामने सरेंडर करना कैसे कहा जा सकता है।'

'आखिर ये कब तक चलता रहेगा'
राज ठाकरे रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक रैली को संबोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि ये दोनों हमारे राष्ट्रीय महानायकों का अपमान कर रहे हैं। राज ठाकरे ने कहा, 'राहुल गांधी सावरकर के ऊपर बयान देंगे, भारतीय जनता पार्टी नेहरू पर बयान देगी, फिर कोई और किसी और राष्ट्रीय महानायक पर बयान देगा, आखिर ये कब तक चलता रहेगा। हमारे हर राष्ट्रीय महानायक का एक पॉजिटिव और एक नेगेटिव पहलू है, लेकिन उनके नेगेटिव पहलू को इस तरह सामने रखने की क्या जरूरत है, क्या इससे कोई फायदा होगा?'

भगत सिंह कोश्यारी पर भी बोला हमला
राज ठाकरे ने आगे कहा, 'भाजपा लगातार पंडित जवाहर लाल नेहरू का अपमान कर रही है, ऐसा नहीं होना चाहिए। आज देश कई दूसरी अहम समस्याओं से जूझ रहा है, उनपर बात होनी चाहिए। देश की आजादी के लिए जिन महापुरुषों ने अपना बलिदान दिया, उनकी आलोचना करने से आपको कोई फायदा नहीं मिलने वाला। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी कहते हैं कि अगर गुजराती और मारवाड़ी मुंबई छोड़ दें, तो फिर ये आर्थिक राजधानी ही नहीं रहेगी। अगर ऐसा है तो ये लोग अपने राज्य को क्यों नहीं लौट जाते हैं। लेकिन, ये लोग मुंबई छोड़कर नहीं जाएंगे, क्योंकि मुंबई इन्हें बिजनेस के लिए एक बेहतरीन माहौल और इंफ्रास्ट्रक्चर देती है।'












Click it and Unblock the Notifications