अब राज बब्बर का 'लेटर बम', पुराने कांग्रेस नेताओं पर लगाए ये आरोप

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    Congress के भीतर नाराजगी का दौर, Angry होकर Raj Babbar ने लगाया ये आरोप |वनइंडिया हिंदी

    लखनऊ। यूपी कांग्रेस के संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के करीबी अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के बाद से यूपी कांग्रेस में घमासान तेज हो गया है। इसके विरोध में पूर्व एमएलसी सिराज महेंदी ने इस्तीफा देते हुए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी, तो वहीं अब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने भी सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को लिखे पत्र में वरिष्ठ कांग्रेसियों पर आरोप लगाए हैं।

    राज बब्बर ने लिखा सोनिया-प्रियंका को पत्र

    राज बब्बर ने लिखा सोनिया-प्रियंका को पत्र

    राज बब्बर ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ कमियां रह गईं, जिसकी वजह से अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिल सके। राज बब्बर ने कहा, 'कभी अपने विवेके से तो कभी वरिष्ठों के आदेश के फैसले अधूरे ही रहे। जब मैंने नए साथियों को मौका देते हुए पुराने साथियों को सम्मान देने की कोशिश की, तो कई सहयोगी इससे असहज हो गए।' बता दें कि राज बब्बर की जगह अजय कुमार लल्लू को यूपी कांग्रेस की कमान सौंपी गई है।

    पुराने कांग्रेस नेताओं पर राज बब्बर ने इशारों-इशारों में साधा निशाना

    पुराने कांग्रेस नेताओं पर राज बब्बर ने इशारों-इशारों में साधा निशाना

    वहीं, यूपी कांग्रेस कमेटी की नई टीम अपना कार्यभार ग्रहण कर रही है, अजय कुमार लल्लू के साथ तकरीबन सभी पदों पर नए चेहरों को मौका दिया गया है। इस बदलाव के बाद राज बब्बर ने सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और सीएपी नेता आराधना मिश्रा के नाम एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि किन्हीं कारणों से शुक्रवार को लखनऊ में वे मौजूद नहीं रह सकेंगे। राज बब्बर ने कहा कि उन्होंने यूपी में एक समर्पित टीम की तरह काम किया, उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद अच्छे रिजल्ट नहीं मिले।

    अजय कुमार लल्लू को सौंपी गई है यूपी कांग्रेस की कमान

    अजय कुमार लल्लू को सौंपी गई है यूपी कांग्रेस की कमान

    उनका इशारा साफ था कि कामकाज में वरिष्ठ नेताओं का लगातार हस्तक्षेप रहा, जिसके कारण वे कई अहम फैसले नहीं ले पाए। नए चेहरों को मौका देना चाहा तो कई पुराने नेता नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पद की कुछ शक्तियां होती हैं तो साथ ही कुछ अपनी सीमाएं भी होती हैं। आगे वे कहते हैं, 'बतौर प्रदेश अध्यक्ष मैं कितना न्याय कर पाया, ये अपने सहयोगियों पर छोड़ता हूं।' इसके पहले, सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखते हुए सिराज मेंहदी ने कांग्रेस के भीतर शिया समुदाय की अनदेखी का आरोप लगाया था।

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