महाराष्ट्र, गुजरात में बारिश का तांडव, कई सड़कें बंद, 6000 ने लोगों ने छोड़ा घर
पिछले सप्ताह से जारी बारिश के चलते गुजरात और महाराष्ट्र में आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन दोनों राज्यों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर और गुजरात के नवसारी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़कर आश्रय स्थलों में रह रहे हैं। इस दौरान एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी है।
भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर देजी से बढ़ा है। ऐसे में महाराकोल्हापुर जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन द्वारा जारी एक दैनिक रिपोर्ट में, खतरे का स्तर 43' है, लेकिन 26 जुलाई को रात 11 बजे तक पंचगंगा नदी 46' फीट के निशान से ऊपर बह रही है।
वहीं गुजरात में भारी बारिश के चलते नवसारी जिले में सबसे अधिक स्थिति खराब हुई है।यहां सलाधार बारिश के बीच, गुजरात के नवसारी जिले में गंभीर जलभराव हो गया है, जिससे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को जिले के बाढ़ वाले इलाकों से लोगों को निकालने का काम सौंपा गया है।

एनडीआरएफ ने नवसारी के जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकाला और बचाव अभियान अभी भी जारी है। टीम ने नवसारी के मिथिला नगरी में बाढ़ प्रभावित इलाके से एक बच्चे और एक बीमार महिला सहित पांच लोगों को बचाया। यहां से कम से कम 30 लोगों को बचाया गया है।
नवसारी टाउन पुलिस के प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी डीआर पटेल ने इसको लेकर एक बयान में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि मिथिला नगरी में लगभग चार लोग फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ टीम के साथ हम उन्हें बचाने के लिए वहां गए। वहां एक पूरी मंजिल पानी में डूब गई थी। हालांकि उन्हें बचा लिया गया।"












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