अपनी ही जानकारी से रेलवे ने मुंह फेरा, अहमदाबाद मुंबई रूट को बताया फायदे का सौदा
नई दिल्ली। सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए सवालों के जवाब से सामने आय़ा था कि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलने वाली ट्रेनों में 40 फीसदी सीटें खाली रहती हैं, इस वजह से पश्चिम रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन अब रेलवे अपने ही जवाब से मुकर रही है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाखर ने कहा कि मुबंई से अहमदाबाद की 9 ट्रेनें हैं और 25 अन्य ट्रेनें वाया अहमदाबाद जाती है। इस सेक्टर से 233 करोड़ रुपए की आमदनी हुी जबकि 30 करोड़ रुपए का नुकसान। आरटीआई में जो सूचना दी गई है कि वो मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद तक की दी गई है। उन्होंने कहा कि दी गई जानकारी में बीच के सफर की जानकारी शामिल नहीं है। रूट में पड़ने वाले स्टेशनों, इन स्टेशनों से गंतव्य स्टेशन तक की जानकारी शामिल नहीं है।

भाखर ने कहा किनौ सीधी ट्रेनों में से 803,150 बर्थ थे, जिनमें से वास्तविक बुकिंग 830978 हुई। मुंबई-अहमदाबाद क्षेत्र में यह बुकिंग 103 फीसदी थीं, और इन ट्रेनों की वापसी में भी स्थिति एक समान रही। इसके अलावा, अहमदाबाद के रास्तेजाने वाली 25 ट्रेनों में, बर्थ उपलब्धता 1,070,710 थी और वास्तविक बुकिंग 1,230,585 यानी 115 प्रतिशत थी। इन ट्रेनों की वापसी में, यह बुकिंग121 प्रतिशत से अधिक था।
इससे पहले RTI कार्यकर्ता अनिल गलगली की आरटीआई के जवाब में पश्चिम रेलवे ने कहा है वहीं कि इस क्षेत्र की ट्रेनों में 40 फीसदी सीटें खाली रहती हैं, जो रेलवे को नुकसान की बड़ी वजह है। पश्चिम रेलवे ने बताया है कि पिछले तीन महीनों में 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, यानि हर महीने 10 करोड़ रुपये का नुकसान इस रूट पर मुसाफिर ना मिलने की वजह से हो रहा है। पश्चिम रेलवे के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक मनजीत सिंह ने आरटीआई के जवाब में मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर चलने वाली दुरंतो, शताब्दी एक्सप्रेस, लोकशक्ति एक्सप्रेस, गुजरात मेल, भावनगर एक्सप्रेस, सुरक्षा एक्सप्रेस, विवेक-भुज एक्सप्रेस समेत सभी ट्रेनों की जानकारी दी है। आरटीआई आवेदक अनिल गलगली ने इस जानकारी के सामने आने के बाद बुलेट ट्रेन की योजना पर सवाल उठाया था।












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