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Railway ने जुर्माना लगाने के फैसले से लिया यू-टर्न, लोगों को मिली बड़ी राहत

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नई दिल्ली। रेलवे ने अने बड़े फैसले को वापस ले लिया है। अतिरिक्त सामान पर रेलवे ने छह गुना जुर्माना लगाने का फैसला किया, लेकिन फैसले के 6 दिन बाद ही रेलवे ने अपने इस फैसले से यूटर्न ले लिया। रेलने एक्सट्रा लगेज पर जुर्माना लगाने के अपने फैसले को वापस लेते हुए ट्रेन से सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने कहा है कि उनका मकसद लोगों को जागरुक करना था। अतिरिक्त सामान ले जाने की वजह से सहयात्रियों को काफी मुश्किलें होती है, जिसकी वजह रेलवे ने तय सीमा से अधिक सामान ले जाने को लेकर जुर्माना लगाने की बात कही थी, लेकिन अब इस फैसले को वापस ले लिया गया है।

 रेलवे ने वापस लिया अपना फैसला

रेलवे ने वापस लिया अपना फैसला

1 जून को रेलवे ने ट्रेन में तय सीमा से अधिक सामान लेकर चलने वालों पर जुर्माना लगाने की बात कही थी। रेलवे ने कहा कि यात्रियों से जुर्माना वसूलने की योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। 6 दिन बाद ही योजना से यू-टर्न लेते हुए रेलवे ने कहा कि उनका मकसद यात्रियों के बीच जागरुकता बढ़ाना था। रेलवे के प्रवक्ता राजेश बायपेयी ने जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे के इस फैसले का मकसद यात्रियों में जागरुकता फैलाना था। अतिरिक्त सामान की वजह से कोच में बाकी यात्रियों को काफी परेशानी होती है। कई बार लगेज की वजह से यात्रियों के बीच बहस और मारपीट की नौबत आ जाती है। ऐसे में रेलवे ने इस जुर्माना लगाने का फैसला किया, लेकिन अब रेलवे ने यू-टर्न ले लिया है।

 छह गुना जुर्माना लगाने का किया था फैसला

छह गुना जुर्माना लगाने का किया था फैसला

रेलवे ने 1 जून से छह दिन तक का अभियान शुरू किया था। जिसके तहत यात्रियों को अधिक सामान ले जाने पर निर्धारित सीमा के बाद 6 गुना रकम बतौर जुर्माने के तौर पर भरना होता। रेलवे के फैसले के मुताबिक स्लीपर क्लास और सेकेंड क्लास में क्रमश: 40 किलो और 35 किलो सामान ले जाने की सीमा निर्धारित की गई। वहीं फर्स्ट एसी में यात्री 70 किलो और सेकेंड एसी में 50 किलो वजन तक का सामान ले जा सकते हैं। इससे ज्यादा सामान ले जाने पर आपको छह गुना जुर्माना भरना पड़ता। अगर इससे ज्यादा सामान आप को ले जाने के लिए आपको पार्सल कार्यालय में अतिरिक्त भुगतान कर 70-80 किलो सामान ले जाने की इजाजत मिल सकती थी।

जुर्माना वसूलने का फॉर्मूला

जुर्माना वसूलने का फॉर्मूला

रेलवे ने जुर्माना वसूलने के लिए सीमा तय कर रखी थी। अगर आप ट्रेन से 500 किमी तक के सफर में 80 किलो सामान ले जाना चाहते तो आपको 109 रुपए का भुगतान करना पड़ता है, लेकिन अगर आप इस रकम का भुगतान किए बिना ही इसे ट्रेन में ले जाते तो रेलवे आपसे 654 रुपए का जुर्माना वसूलती।

 सोशल मीडिया पर आलोचना

सोशल मीडिया पर आलोचना

दरअसल रेलवे के इस फैसले की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई। लोकसभा चुनाव 2019 के नजदीक आ चुका है। ऐसे में सरकार लोगों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहती। माना जा रहा है कि सरकार ने सोशल मीडिया पर लोगों की आलोचना के बाद ही इस फैसले पर यू-टर्न ले लिया है।

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English summary
Under fire for its proposal to enforce a three-decade-old rule to penalise passengers for carrying excess baggage, the Indian Railways has now shelved the plan, saying it was only to generate awareness among travellers.
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