पशुओं को रोकने के लिए चारदीवारी के नए डिजाइन को रेलवे ने दी मंजूरी, 6 महीने में होगी स्थापित

भारतीय रेल खुद को तेजी से अपग्रेड कर रही, जिस वजह से कई तेज रफ्तार ट्रेनें भी उसके बेड़े में शामिल की गई हैं। उनके हिसाब से रेलवे ने अपने ट्रैक को बदल दिया, लेकिन आवारा पशु उसके सामने एक बड़ी चुनौती लेकर खड़े हैं। पिछले दिनों भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत के सामने कई पशु आ गए थे, जिससे उसके आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। तब से रेलवे इस समस्या का समाधान खोज रहा था, जिसको लेकर अब बड़ा फैसला लिया गया है।

Ashwini Vaishnaw

मामले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रेन की पटरियों पर पशु हादसों को रोकने के लिए चारदीवारी के नए डिजाइन को मंजूरी दी गई है। ये नई चारदीवारी अगले 5-6 महीनों में स्थापित की जाएगी। इससे काफी हद तक बड़े जानवरों को ट्रैक पर आने से रोका जा सकेगा।

जानवरों के झुंड से टकराया
आपको बता दें कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में वंदे भारत जानवरों के झुंड से टकरा गई थी। ये हादसा मुंबई से गांधी नगर आते वक्त हुआ। रेलवे के मुताबिक ट्रेन के आगे कई जानवर अचानक एकसाथ आ गए। इस टक्कर के बाद ट्रेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा था। इसके बाद 29 अक्टूबर को वलसाड के पास एक मवेशी वंदे भारत की चपेट में आ गया। जिस वजह से काफी देर तक ट्रेन रोकनी पड़ी। वैसे वंदे भारत पूरी तरह से भारत में निर्मित है, ऐसे में हादसे के तुरंत बाद उसके अगले हिस्से को रिपेयर कर दिया गया था।

आरपीएफ भी एक्शन में
वहीं रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स भी इन हादसों के बाद से सक्रिय है। उसने कई गांवों के सरपंचों को पत्र लिखा है। जिसमें साफ कहा गया कि वो ग्रामीणों को समझाएं कि वो वंदे भारत कॉरिडोर के पास मवेशी ना लेकर जाएं। अगर भविष्य में मवेशियों की वजह से कोई घटना हुई, तो उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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