रेलवे की केटरिंग के लिए कंपनी ने जाति आधारित वैकेंसी निकाली, विवाद के बाद करनी पड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली: रेलवे के लिए केटरिंग का काम करने वाले बड़े हास्पिटेलिटी कॉन्ट्रेक्टर्स में से एक कंपनी आरके एसोसिएट्स अपने एक विज्ञापन को लेकर विवादों में फंस गई हैं। कंपनी ने रेलवे में काम करने वाले इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अखबार में वैकेंसी का विज्ञापन दिया। ये वैकेंसी जाति के आधार पर निकाली। आरके एसोसिएट्स ने अपने विज्ञापन में लिखा कि उसे रेलेवे प्रणाली में काम करने के लिए अच्छे पारिवारिक भूमि के अग्रवाल वैश्य समुदाय के 100 पुरुषों की जरूरत है।

कॉन्ट्रेक्टर्स ने दिया विवादित विज्ञापन

कॉन्ट्रेक्टर्स ने दिया विवादित विज्ञापन

ये मामला सोशल मीडिया में आने के बाद भारतीय रेलवे ने कहा कि वो जाति और धर्म के आधार पर ठेकेदारों को उम्मीदवारों की नियुक्ति निर्धारित करने को नहीं कहता है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) और रेलवे बोर्ड को सोशल मीडिया के जरिए विक्रेता द्वारा असमान्य विज्ञापन देने की सूचना मिली।आईआरसीटीसी ने बताया कि उसने कंपनी से इसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा।

कंपनी ने क्या कहा?

कंपनी ने क्या कहा?

रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि आरके एसोसिएट्स ने पुष्टि की है उसने इसके मानव संसाधन विभाग के प्रबंधक को नौकरी से निकाल दिया है, जो कि इस विज्ञापन को देने के लिए जिम्मेदार था। रेलवे ने नाराजगी जताते हुए एक पत्र भी इसके संबंध में कंपनी को लिखा। मंत्रालय में कुछ लोगों का मानना था कि ये मंत्रालय पूरी तरह से अवैध है और आरके का कॉन्ट्रेक्ट रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि सुबह ये बात सामने आई कि तकनीकी तौर पर इसके आधार पर कॉन्ट्रेक्ट रद्द नहीं किया जा सकता है। ये विज्ञापन आरके कंपनी के ब्रैंडावैन फूड प्रोडक्ट्स का था।

कॉन्ट्रेक्टर ने माफी मांगी

कॉन्ट्रेक्टर ने माफी मांगी

बुधवार को प्रकाशित विज्ञापन में कंपनी ने ट्रेन केटरिंग मैनेजर, बेस किचन मैनेजर और स्टोर मैनेजर के लिए 100 पदों पर नियुक्ति निकाली थी। हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि कंपनी ने अग्रवाल वैश्य समुदाय के लोगों को काम पर रखने पर जोर क्यों दिया। इस बीच, रेलवे अधिकारियों ने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। कॉन्ट्रेक्टर ने माफी मांगते हुए लिखा कि गलती की की वजह से दो विज्ञापन मिक्स हो गए। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि हमारा उद्देश्य किसी को भी चोट पहुंचाना नहीं था। इसमें आगे लिखा गया है कि विज्ञापन को बदल दिया जाएगा और संशोधित विज्ञापन को नियत समय में प्रकाशित किया जाएगा।

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