रेल बजट: जानिए और कितना महंगा हो जाएगा ट्रेन का सफर

महीने-दर महीने डीजल के दाम तो बढ़ते ही रहते हैं। इसी माह डीजल कीमतों में पचास पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। जानकारी के मुताबिक डीजल सप्लाई करने वाली कम्पनियां अपना घाटा कम करने के लिए सरकार पर हर महीने डीजल की कीमतों में इजाफा करने का दबाव बना रही हैं। यदि इसी तरह सरकार डीजल कम्पनियों का घाटा पूरा करने के लिए हर माह पचास पैसे की बढ़ोतरी करती रही तो इससे आमजन के लिए खाद्य वस्तुएं ही महंगी नहीं होंगी बल्कि ट्रेन का सफर भी महंगा होता चला जाएगा।
रेल बजट का बड़ा भाग डीजल पर खर्च होता है
आपको बता दें कि भारत में सभी ट्रेन इलेक्ट्रोनिक नहीं हो पाईं हैं। ज्यादा से ज्यादा ट्रेन डीजल से चलती हैं। इसलिए रेल बजट का एक बड़ा भाग डीजल की खरीद पर ही खर्च होता है। यदि डीजल की खपत के हिसाब से लागत बढ़ेगी तो सरकार पर रेलवे की लागत वसूल करने के लिए किराया बढ़ाने का दबाव होगा। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आम मध्यम वर्ग महंगे किराए की मांग सबसे ज्यादा झेलेगा। गौरतलब है कि ट्रेन ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए लाखों-करोड़ों लोग रोजाना सफर करते हैं।
डीजल के दाम फीसदी में बढ़ते हुए
वर्ष हर ------वर्ष इतनी फीसदी की बढ़ोतरी की गई
2008--------15
2009 -------21
2010 -------25
2011 -------37
2012 -------48
2013 -------58
2014 -------53












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