राहुल की 'ट्यूशन' पर स्मृति का ताना, मोदी बने निशाना: सोशल
तीन विधानसभा राज्यों में कांग्रेस सरकार की जीत के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसानों के कर्ज़ माफ़ी की घोषणा कर कांग्रेस अपने वादों को तेज़ी से पूरा करने की कोशिश की है.
बीते मंगलवार को संसद में शीतकालीन सत्र में शामिल होने आए थे, जहां मीडिया ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. राहुल ने रफ़ाल, किसानों, नोटबंदी जैसे कई मुद्दों पर बात की. अपनी वार्ता में उन्होंने मोदी सरकार पर कई सवाल उठाए.
इस पूरी वीडियो का एक शुरूआती हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मीडिया के सामने आने से पहले वे अपनी पार्टी के नेताओं के साथ कुछ बात करते हुए दिखाई दिए.
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी को पाटी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद ने घेरा हुआ है. प्रेस वार्ता शुरू करने से पहले उन्हें अहमद पटेल और ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ कहते दिख रहे हैं.
अहमद पटेल को वीडियो में 'आई ऐग्री' कहते सुना जा सकता है, वहीं सिंधिया उन्हें कह रहे हैं कि 'जो मोदी नहीं कर पाए, वो मैं करके दिखा चुका हूं', जिस पर राहुल उनकी बात पर गर्दन हिलाते हुए सहमति का इशारा दे रहे हैं.
इस वीडियो का सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने सोशल मीडिया के ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है.
उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ''आजकल सपना दिखाने के लिए भी ट्यूशन लेनी पड़ती है ???''
https://twitter.com/smritiirani/status/1075033536992821254
इसके जवाब में कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ''सपने दिखाने के बाद उन्हें जुमले बता देना और झूठ परोसने की ट्यूशन तो पक्का भाजपा कार्यालय में मिलती है!''
''चलो मैडम, ट्यूशन ले कर ही सही, प्रधानमंत्री मोदी से कहो एक प्रेस वार्ता खुद भी तो करें, बहुत जवाब देने हैं, देश इंतज़ार कर रहा है. मंज़ूर है?''
https://twitter.com/priyankac19/status/1075061866957656065
अपनी प्रेस वार्ता में राहुल ने पीएम मोदी के साढ़े चार साल में किए गए कार्यों को बता रहे हैं.
- राहुल गांधी के नेतृत्व में मिली जीत, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं
- मैं प्रेस से नहीं घबराता थाः मनमोहन सिंह
इसके अलावा मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान मीडिया से बात करने में कभी डर नहीं लगा.
मनमोहन ने अपनी किताब मनमोहन ने अपनी किताब 'चेंजिंग इंडिया' के विमोचन के मौके पर कहा, "मैं कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था, जिसे प्रेस से बात करने में डर लगता हो. मैं नियमित तौर पर प्रेस से मिलता था, और जब भी मैं विदेश दौरे पर जाता था, लौटने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन ज़रूर बुलाता था."
उन्होंने कहा, "उन तमाम संवाददाता सम्मेलनों के बारे में इस किताब में बताया गया है."












Click it and Unblock the Notifications