सोनिया के अध्यक्ष बनते ही राहुल के करीबी का बदला रोल, अब अध्यक्ष की जगह संगठन महासचिव को करेंगे रिपोर्ट

नई दिल्ली- कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के डाटा एनालिटिक्स डिपार्टमेंट के चीफ प्रवीण चक्रवर्ती को नई जिम्मेदारी दे दी है। वे अब कांग्रेस के संगठन महासचिव को रिपोर्ट करेंगे। चक्रवर्ती को राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है और उनको राहुल ने ही चुनकर इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। कुछ लोग सोनिया के इस फैसले को चक्रवर्ती का पर कतरना माना रहे हैं। क्योंकि, अब वे पार्टी अध्यक्ष की जगह संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट करेंगे।

सोनिया ने बदला राहुल के करीबी का रोल

सोनिया ने बदला राहुल के करीबी का रोल

बुधवार को संगठनात्मक फेरबदल के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के डाटा एनालिटिक्स डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन प्रवीण चक्रवर्ती को पार्टी के टेक्नोलॉजी और डाटा सेल का अध्यक्ष बना दिया। कांग्रेस ने यह सेल अभी-अभी ही गठित किया है और उसे पार्टी के संगठन विभाग के मातहत रख दिया गया है। इसका मतलब ये हुआ कि चक्रवर्ती को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट करना पड़ेगा, जबकि अभी तक वे अपने विभाग के सर्वेसर्वा होते थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पार्टी के इस फैसले से उनका रसूख घट गया है।

आलोचनाओं के हो रहे थे शिकार

आलोचनाओं के हो रहे थे शिकार

गौरतलब है कि राहुल गांधी के कार्यकाल में पूर्व इंवेस्टमेंट बैंकर रहे चक्रवर्ती ने पार्टी में जिस तेज गति से प्रगति की थी उसने बहुत सारे कांग्रेसियों को उनका आलोचक बना दिया। कांग्रेस नेताओं का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है कि उन्होंने लोकसभा चुनावों के दौरान राहुल गांधी को जमीनी हालातों के बारे में जानबूझकर गलत फीडबैक दिया। पार्टी के एनालिटिक्स डिपार्टमेंट के चीफ होने के नाते वे अपने विभाग के फैसले लेने के लिए स्वतंत्र थे और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को सीधे रिपोर्ट करते थे। लेकिन, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वे सीधे अध्यक्ष को रिपोर्ट नहीं कर सकेंगे।

सीडब्ल्यूसी में नहीं मिलेगी जगह

सीडब्ल्यूसी में नहीं मिलेगी जगह

राहुल के चहेते चक्रवर्ती के लिए सोनिया का फैसला इसलिए भी किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि उनके काम स्वरूप तो नहीं बदला है, लेकिन विभाग के प्रमुख से एक सेल के प्रमुख बनने से कांग्रेस वर्किंग कमिटी से भी उनकी सीट छिन सकती है। क्योंकि, सीडब्ल्यूसी में सिर्फ विभाग प्रमुखों को मौजूद रहने की इजाजत मिलती है, सेल के प्रमुखों को नहीं। वैसे ये बता देना भी जरूरी है कि बुधवार को लिए गए सोनिया के फैसले के बावजूद गुरुवार तक प्रवीण चक्रवर्ती के ट्विटर हैंडल पर उन्होंने अपने प्रोफाइल में खुद को चेयरपर्सन, डाटा एनालिटिक्स डिपार्टमेंट, इंडियन नेशनल कांग्रेस लगा रखा है।

राहुल को गलत सलाह देने का आरोप

राहुल को गलत सलाह देने का आरोप

चक्रवर्ती को कांग्रेस का शक्ति ऐप चलाने का क्रेडिट मिलता है; और पार्टी के भीतर के लोगों का आरोप है कि उन्होंने राहुल गांधी को मेंबरशिप डाटा उपलब्ध करवाने में हेराफेरी की। उनपर ये भी आरोप है कि जमीनी कार्यकर्ताओं से सचेत किए जाने के बावजूद उन्होंने राहुल गांधी को राफेल मुद्दे पर पीएम मोदी पर हमला जारी रखने की सलाह दी था, जबकि पब्लिक का मूड उसके खिलाफ था। यही नहीं उनपर ये भी आरोप है कि उन्होंने राहुल से कहा था कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बहुत बड़े पैमाने पर कमबैक कर रही है, जबकि उसके लिए 52 सीटें जुटाना भारी पड़ गया।

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