'मणिपुर दर्द में, कोई खुद को मानता हो देशभक्त तो...', राहुल गांधी का पीएम मोदी पर निशाना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को मणिपुर में राहत शिविरों में रह रहे हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने राहुल गांधी पहुंचे।इस दौरान उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार को निशाने पर पर लिया। राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर में लोगों को के दर्द को दूर करने के लिए राजनीति नहीं काम करने की जरूरत है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को मणिपुर के जिरीबाम और चुराचांदपुर जिलों में राहत शिविरों का दौरा किया और वहां रह रहे लोगों से बातचीत की। दरअसल, राज्य में पिछले साल मई में मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पहुंचे गांधी ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

Rahul Gandhi in Imphal Manipur

एलओपी सोमवार को जिरीबाम से असम के सिलचर होते हुए इंफाल हवाई अड्डे पहुंचे। सड़क मार्ग से चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग गांव में एक राहत शिविर में पहुंचे। इसके अलावा राहुल गांधी ने चुराचांदपुर जिलों के राहत शिविरों में रह रहे हिंसा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी मुलाकात की और राज्य के हालात पर चर्चा की।

मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को मणिपुर हिंसा को एक बड़ी त्रासदी बताया। उन्होंने कहा कि मणिपुर में शांति बेहद अहम है। हिंसा के चलते मणिपुर ने बहुत कुछ खो दिया है, जिसे वापस लाने लिए नफरत और हिंसा को बंद करके मोहब्बत लाने की जरूरत है।

मणिपुर की राजधानी इंफाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राज्य में हजारों परिवारों को नुकसान हुआ है, संपत्तियां नष्ट हो गई हैं। एलओपी ने दावा किया कि हिंसा प्रभावित राज्य पूरी तरह से दो भागों में विभाजित हो चुका है और ये विभाजन राज्य में हिंसा और नफरत जैसी त्रासदी लेकर आई है। हालत ये हैं लोग अपने घर छोड़कर अब राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

राहुल गांधी ने कहा, "...मैं एक भाई और परिवार के सदस्य के रूप में यहां आया हूं और मैं समझता हूं कि पूरा मणिपुर दर्द में है, पीड़ित है और इससे बाहर निकलने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री को यहां आकर मणिपुर के लोगों की बात सुननी चाहिए और समझना चाहिए कि आखिर मणिपुर में क्या चल रहा है। मणिपुर भारतीय संघ का एक गौरवशाली राज्य है और यह बहुत महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री खासकर मंत्री जी, अगर ये त्रासदी नहीं भी थी तो भी प्रधानमंत्री को यहां आना चाहिए था, इतनी बड़ी त्रासदी में मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करता हूं कि वो अपना एक दिन, दो दिन का समय निकालें और सिर्फ मणिपुर के लोगों की बात सुनें।"

वहीं पीएम मोदी और बीजेपी को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार और हर कोई जो खुद को देशभक्त मानता है तो उसे मणिपुर के लोगों तक पहुंचना चाहिए और उन्हें गले लगाना चाहिए।

राहत शिविरों में लोगों की समस्याएं को लेकर राहुल गांधी ने कहा, "मैं हर किसी से शांति के बारे में सोचने, भाईचारे के बारे में सोचने का अनुरोध करता हूं और हिंसा और नफरत से कोई समाधान नहीं मिलने वाला है। इसलिए अगर हम शांति, स्नेह के बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं। यह मणिपुर के लिए एक बहुत बड़ा कदम होगा। कांग्रेस पार्टी और आप जब चाहें मैं यहां उपलब्ध हूं। यदि आप यहां चार बार, 10 बार आना चाहें तो मैं यहां आऊंगा और आपकी बातें सुनूंगा तथा विपक्ष के एक नेता के रूप में आपकी मदद करने का प्रयास करूंगा।"

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