किसान आंदोलन के सात महीने पूरे, राहुल गांधी बोले- हम अन्नदाता के साथ खड़े हैं
हम किसान आंदोलन के साथ खड़े हैं: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 26 जून: केंद्र सरकार की ओर से बीते साल लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार (26 जून) को किसानों के दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर धरने को सात महीने हो गए हैं। आंदोलन के सात महीने होने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने किसानों को अपना समर्थन दिया है। राहुल ने ट्वीट कर लिखा, सीधी-सीधी बात है- हम सत्याग्रही अन्नदाता के साथ हैं।

राहुल गांधी बीते साल से ही लगातार केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों का समर्थन कर रहे हैं और सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की अपील कर रहे है। राहुल गांधी ने कई बार प्रेस वार्ता और सोशलम मीडिया के माध्यम से कहा है कि मोदी सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। राहुल का कहना है कि सरकार किसानों को नजरअंदाज करने या जबरदस्ती आंदोलन खत्म कराने की कोशिश ना करे बल्कि बातचीत के जरिए हल पर पहुंचे।
क्यों है किसानों का विरोध
बता दें कि केंद्र सरकार बीते साल जून में तीन नए कृषि कानून लेकर आई थी, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसको लेकर किसान जून के महीने से लगातार आंदोलनरत हैं और इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों का आंदोलन जून, 2020 से नवंबर तक मुख्य रूप से हरियाणा और पंजाब में चल रहा था। सरकार की ओर से प्रदर्शन पर ध्यान ना देने की बात कहते हुए 26 नवंबर को किसानों ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया। इसके बाद 26 नवंबर, 2020 से देशभर के किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर गाजीपुर बॉर्डर और दिल्ली के दूसरे बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। दिल्ली के बॉर्डरों पर किसानों के धरने को अब सात महीने हो चुके हैं।












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