राहुल गांधी ने Re-Tweet की ज्योतिरादित्य सिंधिया संग पुरानी फोटो लेकिन कहा कुछ भी नहीं
नई दिल्ली। आखिरकार मध्य प्रदेश के 'महाराज' ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए, बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी मुख्यालय में सदस्यता ली, कांग्रेस पार्टी में कभी राहुल गांधी के बेहद करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अब भगवा चोला पहन लिया है, बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सिंधिया ने पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा को धन्यवाद दिया।
Recommended Video

राहुल गांधी ने Re-Tweet की ज्योतिरादित्य सिंधिया संग पुरानी फोटो
तो वहीं दूसरी ओर ' ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने से कांग्रेस पार्टी में जबरदस्त ढंग से उथल पुथल मची हुई है, पार्टी के नेतृत्व को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिंधिया के साथ की अपनी एक पुरानी तस्वीर बिना कुछ लिखे रीट्वीट की है।

क्या दुखी हैं राहुल गांधी?
जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि राहुल गांधी भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़कर जाने से दुखी हैं, जबकि इससे पहले खबर थी ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी आलाकमान से समय ना मिल पाने की वजह से आहत थे।
'सिंधिया मेरे घर कभी भी बेधड़क आ सकते थे'
जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के एकमात्र ऐसे नेता थे जो मेरे घर में बेधड़क आ सकते थे, उन्हें मुझसे मिलने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। सिंधिया मेरे साथ कॉलेज में भी रहे हैं।

जुदा हो गईं दोनों की राहें...
बता दें कि कांग्रेस में रहते हुए सिंधिया की गिनती उन चुनिंदा नेताओं में की जाती थी जो राहुल गांधी के सबसे करीबी नेताओं में से एक थे। प्रियंका गांधी से भी सिंधिया के अच्छे संबंध रहे हैं।वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें या फिर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव की दोनों ही रैलियों में राहुल गांधी के साथ सिंधिया कंधे से कंधे मिलाते दिखाई दिए लेकिन अब 18 साल बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी राहें राहुल गांधी से जुदा कर ली हैं।

कांग्रेस अब वह पार्टी नहीं है जो पहले थी: ज्योतिरादित्य सिंधिया
बता दें कि भाजपा ज्वाइन करने के बाद सिंधिया ने कहा कि मैं पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने अपने परिवार में मुझे जगह दी, आज मैं बहुत दुखी भी हूं और व्यथित भी क्योंकि कांग्रेस अब वह पार्टी नहीं है, जिसकी स्थापना हुई थी, कांग्रेस पार्टी में रहकर मैंने 18-19 वर्षों में पूरी श्रद्धा के साथ देश-प्रदेश की सेवा करने की कोशिश की है। लेकिन मन दुखी है कि जो स्थिति आज उत्पन्न हुई है, मैं कह सकता हूं कि जनसेवा के लक्ष्य की पूर्ति उस संगठन से नहीं हो पा रही थी।












Click it and Unblock the Notifications