कांग्रेस के ही कुछ लोगों को मेरा मोदी से गले मिलना पसंद नहीं आया : राहुल गांधी
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नई दिल्ली। लोकसभा के मानसून सत्र में राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को गले लगाना काफी समय से चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिलने पर जहां बीजेपी के नेताओं ने राहुल की आलोचना की थी। वहीं कांग्रेस के कुछ लोग भी नाखुश थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी के हैमबर्ग में एक कार्यक्रम में कहा कि संसद में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया था तो उनकी ही पार्टी के कुछ सदस्यों को यह पसंद नहीं आया था।

गले मिलने का मतलब नफरत का जवाब प्यार से देना था
बुधवार को हैमबर्ग के ब्यूकेरियस समर स्कूल के कैंपनागेल थिएटर में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- ' गले मिलने का मतलब नफरत का जवाब प्यार से देना था। मेरी पार्टी के कुछ नेताओं को मेरा मोदीजी से गले मिलना पसंद नहीं आया। राहुल गांधी ने बताया कि क्यों उन्होंने पीएम मोदी को गले लगाया था, उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी उन्हें लेकर घृणास्पद टिप्पणियां कर रहे थे। इसके बाद हमने तय किया कि, हम उन्हें गले लगाएंगे और अपना स्नेह उन्हें दिखाएंगे।

राहुल ने अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का भी जिक्र किया
राहुल ने अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 1991 में मेरे पिता को एक आतंकवादी ने मार डाला था। कई साल बाद जब उस आतंकवादी की मृत्यु हो गई तो मैं खुश नहीं हुआ। मैंने खुद को उसके बच्चों में देखा। मैंने हिंसा को झेला है और मैं आपको बता सकता हूं कि इससे निकलने का एकमात्र तरीका है, माफ करना। राजीव गांधी की हत्या करने वाले संगठन लिट्टे के प्रमुख वी प्रभाकरण को श्रीलंकाई सेना ने 2009 में मार गिराया था।

भारतीय का मतलब ही अहिंसक है
उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को नफरत के बजाय चर्चा करनी चाहिए। घृणा से इसका जवाब देना मूर्खता है, यह किसी भी समस्या का समाधान नहीं करेगा। नफरत फैलाने वाले भाषण और राजनीति करने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय का मतलब ही अहिंसक है। सवाल-जवाब सत्र के दौरान एक स्रोता ने राहुल गांधी से गले मिलने की इच्छा जताई तो राहुल गांधी ने उनको मंच पर बुलाया और गले मिले।












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