'आर्थिक मंदी की आहट' पर राहुल गांधी का ट्वीट- पीएम मोदी ने देश की ताकत को कमजोरी में बदल दिया
नई दिल्ली: कोरोना महामारी को रोकने के लिए मोदी सरकार ने मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया था। इस लॉकडाउन के बाद भी कोरोना केस तो बढ़े ही, साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा। अब आरबीआई ने एक और चिंताजनक खबर दी है। जिसके मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमही में जीडीपी पिछले साल की तुलना में 8.6 प्रतिशत घटने का अनुमान है। अगर ये अनुमान सही हुआ तो देश में पहली बार आर्थिक मंदी आएगी। आरबीआई की इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
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एक अखबार की कटिंग पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि भारत ने इतिहास में पहली बार मंदी आई है। मोदी के कार्यों ने भारत की ताकत को उसकी कमजोरी में बदल दिया। राहुल इससे पहले भी जीएसटी, नोटबंदी और बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि नोटबंदी PM की सोची समझी चाल थी ताकि आम जनता के पैसे से 'मोदी-मित्र' पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जा सके। गलतफहमी में मत रहिए- गलती हुई नहीं, जानबूझकर की गयी थी। इस राष्ट्रीय त्रासदी के चार साल पर आप भी अपनी आवाज बुलंद कीजिए।
भारत के इतिहास में देश में पहली बार मंदी छाई है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 12, 2020
भारत की ताक़त को मोदी जी ने कमज़ोरी में बदल दिया।
क्या कह रही आरबीआई की रिपोर्ट?
31 अगस्त को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अप्रैल-जून में जीडीपी में माइनस 23.9 प्रतिशत की अभूतपूर्व गिरावट की रिपोर्ट दी थी। अब जुलाई-सितंबर वाली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संकुचन यानी गिरावट का अनुमान 8.6 फीसदी है। अर्थशास्त्र में जब लगातार दो या उससे अधिक तिमाही में जीडीपी ग्रोथ माइनस में रहती है, तो उसे मंदी कहा जाता है। ऐसे में अगर 8.6 गिरावट का अनुमान सही हुआ तो देश में आर्थिक मंदी आ जाएगी। हालांकि अभी दूसरी तिमाही के आंकड़े नहीं आए हैं, ये महज एक अनुमान है।












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