'पहले Distractraction फिर Disqualification...', पूरी प्लानिंग से अडानी के मुद्दे से हटाया ध्यान : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने एक बार फिर लोकतंत्र पर हमले का जिक्र करते हुए अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, 'मैंने कई बार बोला है कि हिन्दुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है।'

Delhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बीते दिन लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस बीच अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर लोकतंत्र पर हमले का जिक्र करते हुए अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की है, और कहा कि, 'मैंने कई बार बोला है कि हिन्दुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है। इसके हमें रोज नए-नए उदाहरण मिल रहे हैं।'
पूरी प्लानिंग से अडानी के मुद्दे से ध्यान हटाया गया- राहुल गांधी
उन्होंने कहा कि, 'मैंने संसद में कई बार सबूत दिए, अडानी और PM मोदी के रिश्ते के बारे में बोला। अडानी को नियमों में बदलाव करके एयरपोर्ट दिए गए, इसपर मैंने संसद में बात की, लेकिन पीएम मोदी अडानी पर मेरे अगले भाषण को लेकर डरे हुए हैं और मैंने यह उनकी आंखों में देखा है। इसलिए पहले भटकाव और फिर अयोग्यता की पूरी प्लानिंग से अडानी के मुद्दे से ध्यान हटाया गया।'
राहुल गांधी ने फिर पूछा-'अडानी का नरेंद्र मोदी से क्या रिश्ता है?'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, 'मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। अडानी का नरेंद्र मोदी से क्या रिश्ता है? इन लोगों से मुझे डर नहीं लगता। अगर इनको लगता है कि मेरी सदस्यता रद्द करके, डराकर, धमकाकर, जेल भेजकर मुझे बंद कर सकते हैं। मैं हिन्दुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा।'
संसद के अंदर हूं या बाहर मुझे फर्क नहीं पड़ता- राहुल गांधी
पूर्व सांसद ने कहा कि, 'भारत जोड़ो यात्रा की मेरी कोई भी स्पीच देख लीजिए, मैंने हमेशा कहा है कि सब समाज एक हैं। नफरत, हिंसा नहीं होनी चाहिए। ये OBC का मामला नहीं है, ये नरेंद्र मोदी और अडानी के रिश्ते का मामला है। भाजपा ध्यान को भटकाने का काम करती है, कभी OBC की बात करेगी, कभी विदेश की बात करेगी। मुझे फर्क नहीं पड़ता की मैं संसद के अंदर हूं या बाहर हूं। मुझे अपनी तपस्या करनी है, मैं उसे करके दिखाऊंगा।'
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने का क्या है मामला
दरअसल, गुजरात की एक अदालत द्वारा आपराधिक मानहानि मामले में दोषी पाए जाने पर राहुल गांधी को दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद गांधी ने अपना सांसद का दर्जा भी खो दिया। अयोग्यता के बाद अपनी पहली टिप्पणी में वायनाड के पूर्व सांसद ने कहा कि 'वह कोई भी कीमत चुकाने' के लिए तैयार हैं।पूर्व कांग्रेस प्रमुख की वायनाड सीट भी उनकी अयोग्यता के बाद खाली हो गई है। गांधी को दोषी ठहराने वाली सूरत की अदालत ने उन्हें फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिनों के लिए जमानत भी दी है।












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