'ये देशद्रोह, गिरफ्तार हो जाते', मोहन भागवत के बयान पर भड़के राहुल गांधी
कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के अवसर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। अपने भाषण में उन्होंने भाजपा और आरएसएस के खिलाफ संघर्ष को केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं। बल्कि भारतीय राज्य की वैचारिक लड़ाई बताया।
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हमारी विचारधारा हजारों साल पुरानी
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कांग्रेस की विचारधारा और आरएसएस की विचारधारा के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा आरएसएस की विचारधारा की तरह हजारों साल पुरानी है और यह हजारों सालों से आरएसएस की विचारधारा से लड़ रही है। उन्होंने इस संघर्ष को ऐतिहासिक और गहरे वैचारिक मतभेदों का परिणाम बताया।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक एक करोड़ नए मतदाताओं का जुड़ना बेहद गंभीर मामला है।
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों की विस्तृत मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने कहा कि जबकि यह उसकी जिम्मेदारी है। यह आरोप भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
यह निष्पक्ष लड़ाई नहीं है
राहुल गांधी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि कांग्रेस की लड़ाई भाजपा और आरएसएस के साथ केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा मत सोचो कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। अगर आप मानते हैं कि हम भाजपा या आरएसएस नामक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप समझ नहीं पाए हैं कि क्या हो रहा है। भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है।
गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने मीडिया, चुनाव आयोग और अन्य लोकतांत्रिक संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। जिससे लोकतंत्र की पवित्रता को खतरा पैदा हो गया है।
मीडिया की भूमिका पर निशाना
राहुल गांधी ने मीडिया की स्वतंत्रता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमें यह भी नहीं पता कि हमारी संस्थाएं काम कर रही हैं या नहीं। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मीडिया क्या कर रहा है। यहां तक कि लोग भी जानते हैं कि मीडिया अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने मीडिया पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक बड़ा खतरा बताया।
इंदिरा भवन का उद्घाटन, एक ऐतिहासिक अवसर
कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के इस मौके को राहुल गांधी ने पार्टी के संघर्ष और इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करने का अवसर बनाया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ लड़ाई में जुटने का आह्वान किया।
राहुल गांधी के बयान ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल और संस्थागत अखंडता पर एक नई बहस को जन्म दिया है। उनका यह दावा कि कांग्रेस की लड़ाई भाजपा और आरएसएस से आगे बढ़कर भारतीय राज्य के प्रभाव के खिलाफ है। मौजूदा विपक्षी रणनीतियों और लोकतांत्रिक संरचना के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है।












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