'बाइडेन की तरह चली जाती है PM मोदी की याददाश्त', राहुल के तंज पर विदेश मंत्रालय का आया रिएक्शन
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान की विदेश मंत्रालय ने निंदा की है। विदेश मंत्रायल ने शुक्रवार 29 नवंबर को राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। साथ ही, कहा कि यह सरकार की स्थिति को नहीं दर्शाता है।
दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा के दौरान राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की याददाश्त भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की तरह चली जाती है। राहुल गांधी के इस बयान पर अब विदेश मंत्रायल के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जो साझेदारी है, वह वर्षों की मेहनत, एकजुटता, आपसी सम्मान और प्रतिबद्धता से बनी है और ये टिप्पणियां गर्मजोशी भरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों के अनुरूप नहीं हैं। जायसवाल ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बहुआयामी साझेदारी है।
यह साझेदारी दोनों पक्षों की वर्षों की दृढ़ता, एकजुटता, आपसी सम्मान और प्रतिबद्धता से निर्मित हुई है। हम इस प्रकार की टिप्पणियों को अफसोसजनक मानते हैं और यह भारत व अमेरिका के अच्छे और दोस्ताना संबंधों के अनुकूल नहीं है। यह भारत सरकार की स्थिति को नहीं दर्शाता।
LAC पर गश्त को विदेश मंत्रायल ने कहा
इसके अलावा, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त के संबंध में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि यह "प्रगति पर है।" उन्होंने कहा, हम पहले भी कह चुके हैं कि हम इस पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भारत और चीन की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग इलाकों में हर हफ्ते एक संयुक्त गश्त का फैसला लिया था।
भारत-चीन तनाव की पृष्ठभूमि
देपसांग और डेमचोक में पीछे हटने का समझौता भारत और चीन के बीच विभिन्न स्तरों पर कई दौर की चर्चाओं के बाद हुआ। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से तनाव बना हुआ है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारतीय और चीनी सैनिक देपसांग और डेमचोक में साप्ताहिक रूप से अलग-अलग गश्त करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य विवादित सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और आपसी समझ सुनिश्चित करना है।












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