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राजस्‍थान में खिसियाये हुए प्रतीत हुए राहुल गांधी

बारां। (ईश्‍वर आशीष) राजस्‍थान में चुनावी रैली को संबोधित करते वक्‍त कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी कुछ खिसियाये हुए नजर आये। यह हम नहीं बल्कि राहुल गांधी की बॉडी लैंगवेज कह रही है, जो पहले की तुलना में पूरी तरह बदल गई है। बात अगर विस्‍तार से करें तो जयपुर के पास बारां में चुनावी रैली में राहुल काफी आक्रामक तो नजर आये लेकिन उन्‍होने कुछ नई बात नहीं कही। वही सारी बातें दोहराई जो कि दिल्‍ली में कुछ दिन पहले शीला दीक्षित के एक मंच पर कही थी। मतलब बातें वही थीं लेकिन अंदाज अलग।

दिल्‍ली से पहले राहुल छत्‍तीसगढ़ में जनता को संबोधित करने गये थे। वहां भाजपा के पीएम पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के अगले दिन उन्‍होने जो भाषण दिया वह जनता को ज्‍यादा आंदोलित नहीं कर सका। जिसके बाद राहुल के अंदाज में परिवर्तन लाजमी था। अब आगे भी उम्‍मीद की जा रही है कि राहुल पहले की अपेक्षा अब ज्‍यादा आक्रामक नजर आएंगे। असल में यह आक्रामकता नहीं बल्कि खिसियाहट थी, जो साफ उनके चेहरे पर नजर आ रही थी।

किस बात की खिसियाहट

लोकसभा चुनाव 2014 के मद्देनजर देखें तो कांग्रेस को राहुल के रूप में ही भारत का अगला प्रधानमंत्री नजर आ रहा है पर यह भी एक सच है राहुल अभी भी जनता के बीच अपनी जगह नहीं बना सके हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद कहा जा रहा था कि राहुल कांग्रेसी विरासत को संभालने में सक्षम हैं, लेकिन उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वह प्रभावहीन नजर आये, वहीं नरेंद्र मोदी सिर्फ एक राज्‍य तक सीमित होते हुए भी आम आदमी को विकास के सपने दिखाने में कामयाब रहे हैं। बारां रैली के ठीक पहले मोदी का नाम पीएम प्रत्‍याशी के रूप में घोषित होने से राहुल की रैली फीकी पड़ गई, क्‍योंकि 13 से लेकर 17 तक पूरे देश में सिर्फ मोदी की चर्चा हुई।

इसके अलावा पहले छत्‍तीसगढ़ में और फिर कांग्रेस के गढ़ हरियाणा के रेवाड़ी में की गई रैली में मोदी को सुनने के लिए भारी भीड़ इकट्ठा हुई जबकि राहुल की रैली में उतनी भीड़ नहीं जुट सकी। इस बात का भी मलाल कांग्रेसियों में साफ देखा जा रहा था, जब राहुल गांधी मंच पर आये। वैसे सच पूछिए तो राहुल गांधी के वर्तमान तेवर कुछ वैसे ही नजर आ रहे हैं, जैसे उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के वक्‍त दिखाई दिये थे, जब सामने अखिलेश यादव थे। अफसोस वहां भी राहुल को हार मिली थी।

बारां रैली के मुख्‍य अंश

कांग्रेस गरीबों के सपनों को पूरा करना चाहती है

कांग्रेस गरीबों के सपनों को पूरा करना चाहती है

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी गरीबों और युवाओं की मदद करने के लिए काम कर रही है जिससे वे न केवल बड़े सपने देखें वरन उनको पूरा करने की स्थिति में भी आएं। राहुल ने कहा, "कांग्रेस देखना चाहती है कि एक मजदूर का बेटा भी हवाई जहाज में उड़े। कांग्रेस की मुख्य चिंता गरीब और युवा हैं। युवा इस समय देश की बड़ी ताकत हैं।" जयपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर बारां कस्बे में किसानों और आदिवासियों की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, "उनको केवल सपने नहीं देखना चाहिए वरन उनको पूरा करने के लिए कठिन मेहनत भी करनी चाहिए।"

गरीब का ज्‍यादा पैसा इलाज पर ही चला जाता है

गरीब का ज्‍यादा पैसा इलाज पर ही चला जाता है

राहुल ने हड़ौती क्षेत्र में परवान नदी बांध परियोजना और छाबड़ा में सुपर क्रिटिकल विद्युत संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने छाबड़ा में तीन विद्युत इकाइयों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि गरीबी के पीछे सबसे बड़ा कारण बेरोजगारी नहीं वरन निरंतर बीमारी है। गांधी ने कहा कि मजदूरों से पूछिए कि वे इलाज पर कितना खर्च करते हैं। कांग्रेस इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विपक्ष को जनता की परवाह नहीं

विपक्ष को जनता की परवाह नहीं

राहुल ने कहा कि किसी भी कल्याणकारी योजना की शुरुआत में विपक्ष ने हमेशा रोड़े अटकाए। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के बारे में जब कांग्रेस ने तैयारी शुरू की तो विपक्ष ने कहा कि पैसा कहां से आएगा। सरकार ने लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर दिखा दिया। राहुल ने प्रमुख विपक्षी दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा केवल अमीरों के लिए काम करती है। आम आदमी के बारे में उसके पास कोई योजना नहीं है।

खाद्य सुरक्षा बिल को सराहा

खाद्य सुरक्षा बिल को सराहा

राहुल गांधी ने अपने संक्षिप्त भाषण में कांग्रेस की केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने मनेरगा, खाद्य सुरक्षा कानून, भूमि अधिग्रहण विधेयक की चर्चा की। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने राजस्थान सरकार द्वारा बिजली, पानी और सिंचाई के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों की प्रशंसा की।

गरीब का सपना पूरा करने की कोशिश

गरीब का सपना पूरा करने की कोशिश

राहुल ने युवाओं के सपने पूरे करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का मतलब है कि गरीब से गरीब व्यक्ति का सपना पूरा हो। रैली में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी.जोशी, कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट और कई अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। राहुल की पिछले सात दिनों में राजस्थान में यह उनकी दूसरी रैली थी।

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