'खुलासे के बाद भी जनता के पैसे का अडानी ग्रुप में निवेश क्यों...?' राहुल गांधी ने PM मोदी से पूछा सवाल
राहुल गांधी ने एलआईसी, एसबीआई और ईपीएफओ का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश करने को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि, खुलासे के बाद भी जनता का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश क्यों किया जा रहा है।

Rahul Gandhi: राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने के बाद से केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ उनका जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक हर मोर्चे पर कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ हल्ला बोल रखा है। इस बीच एक बार फिर पूर्व सांसद ने अडानी विवाद को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से ट्वीट कर जवाब मांगा है कि, खुलासे के बाद भी जनता के रिटायरमेंट का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश क्यों किया जा रहा है?
'जनता के रिटायरमेंट का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश क्यों?'
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट कर लिखा कि, 'LIC की पूंजी, अडानी को! SBI की पूंजी, अडानी को! EPFO की पूंजी भी, अडानी को! 'मोडानी' के खुलासे के बाद भी, जनता के रिटायरमेंट का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश क्यों किया जा रहा है? प्रधानमंत्री जी, न जांच, न जवाब! आख़िर इतना डर क्यों?'
प्रधानमंत्री जी दोस्त बचाओ मिशन पर हैं- प्रियंका गांधी
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी अडानी विवाद को लेकर मोदी सरकार को घेरते हुए ट्वीट कर लिखा, 'मोदी जी की निगरानी में SBI का पैसा अडानी को, LIC में लगा जनता का पैसा अडानी को, Provident Fund में जमा कर्मचारियों की मेहनत का पैसा अडानी को लेकिन, भ्रष्टाचार की, अडानी की फर्जी कंपनियों की जांच नहीं कराएंगे। प्रधानमंत्री जी दोस्त बचाओ मिशन पर हैं, हमें एकजुट होकर देश बचाना है।'
अडानी की जांच को लेकर सरकार चुप क्यों है- मल्लिकार्जुन खड़गे
अडानी की कंपनियों की जांच को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि, 'हम चाहते हैं कि सच सामने आए। अगर महज ढाई साल में अडानी की संपत्ति बढ़ी है तो इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? अगर उनके पास जादू है जो ऐसा कर सकता है, तो हम देशवासियों को भी यही बताना चाहेंगे, अगर जेपीसी बनती है, तो हमें जादू के बारे में पता चलेगा और लोगों को भी पता चलेगा। खड़गे ने कहा कि, 'कानून को अगर हाथ में लिया जाएगा तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा, किसी को बोलने की आज़ादी नहीं रहेगी और इसलिए हम ये विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।'
दरअसल, इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'मैं यहां भारतीय लोगों की लोकतांत्रिक आवाज का बचाव कर रहा हूं। मैं ऐसा करना जारी रखूंगा। मैं इन धमकियों से इस अयोग्यता से या इन आरोपों से या इन जेल की सजाओं से नहीं डरता। ये लोग अभी तक मुझे समझ नहीं पाए हैं। मैं उनसे डरने वाला नहीं हूं। उन्होंने कहा कि, 'मैं सवाल पूछना जारी रखूंगा। अडानी के साथ प्रधानमंत्री के क्या संबंध हैं? पुराना रिश्ता है। यह रिश्ता तब शुरू हुआ जब वह (नरेंद्र मोदी) गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह एक करीबी साझेदारी है, जिसके बारे में पूछता रहूंगा,












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