Bajaj Auto के मालिक रह चुके राहुल बजाज अपने पीछे छोड़ गए कितनी संपत्ति, कैसे घर-घर पहुंचाया था चेतक
Bajaj Auto के मालिक रह चुके राहुल बजाज अपने पीछे छोड़ गए कितनी संपत्ति, कैसे घर-घर पहुंचाया था चेतक
नई दिल्ली, 13 फरवरी: भारतीय उद्योग जगत के लोकप्रिय करोबारी बजाज ऑटो के प्रमुख पद्म भूषण राहुल बजाज का 12 फरवरी 2022 को निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और कैंसर से पीड़ित थे। हमारा बजाजा और चेतक स्कूटर वाले राहुल बजाज ने 12 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे अंतिम सांस ली। 10 जून 1938 को जन्मे राहुल बजाज ने 40 से अधिक वर्षों तक बजाज समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। राहुल बजाज स्वतंत्रता संगाम सेनानी और बजाज ग्रुप के संस्थापक जमनालाल बजाज के पोते थे। जवाहरलाल नेहरू ने उनका नाम राहुल रखा था। उनमें भारत के स्वाधीनता संग्राम के किस्से छिपे थे। राहुल बजाज के बारे में कहा जाता है कि वह अपनी बात रखने से कभी नहीं डरते थे। राहुल बजाज अरबपतियों की फोर्ब्स लिस्ट में भी शामिल थे। आइए जानें अपने पीछे कितने अरब की संपत्ति छोड़ गए हैं राहुल बजाज।

1965 में बजाज ऑटो को संभाला था राहुल बजाज ने
राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को हुआ था। 40 से अधिक वर्षों तक बजाज समूह के अध्यक्ष के रूप में राहुल बजाज ने काम किया था। राहुल बजाज ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स), मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली थी। उसके बाद हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से उन्होंने एमबीए किया था। राहुल बजाज ने 1965 में बजाज ऑटो को संभाला था, उस वक्त देश लाइसेंस राज के अधीन था। कंपनी ने वेस्पा स्कूटर्स को इटैलियन कंपनी के लाइसेंस के तहत बनाया था।

7.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये की कंपनी बनाई
राहुल बजाज के नेतृत्व में ऑटोमेकर फर्म का कारोबार 7.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये का हो गया। बजाज ऑटो का सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट बजाज चेतक स्कूटर था, जो हर मध्यम वर्गीय भारतीय परिवारों के घर तक पहुंचा। जब 1970 के दशक की शुरुआत में बजाज ऑटो और वेस्पा स्कूटर्स दोनों कंपनियां लाइसेंस को नवीनीकृत करने के लिए एक समझौते पर पहुंचने में विफल रहीं तो चेतक स्कूटर को बनाया गया। 'हमारा बजाज' अपने समय का सबसे मशहूर विज्ञापन बन गया।

जानें कितनी थी राहुल बजाज की संपत्ति
राहुल बजाज की संपत्ति यानी नेटवर्थ 12 फरवरी 2022 को फोर्ब्स के मुताबिक 8.2 अरब डॉलर यानी करीब 62,000 करोड़ रुपये थी। फोर्ब्स ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, फोर्ब्स की रीयल-टाइम अरबपति रैंकिंग के अनुसार, उनकी मृत्यु के समय, बजाज की अनुमानित कीमत 8.2 बिलियन डॉलर थी, जो दुनिया में 302वें स्थान पर थी। फरवरी 2021 तक राहुल बजाज 8.2 बिलियन अमरीकी डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के अरबपतियों की फोर्ब्स लिस्ट में 421वें स्थान पर थे। राहुल बजाज ने इसके अलावा इंडियन एयरलाइंस के अध्यक्ष और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष सहित कई पदों पर काम किया है।

2005 से बजाज ऑटो राहुल बजाज के बेटे संभाल रहे हैं
राहुल बजाज ने 2005 में बजाज ऑटो में सक्रिय भूमिका के काम से खुद को अलग किया और अपने बेटे राजीव बजाज को कंपनी को आगे बढ़ाने का काम सौंपा। राहुल बजाज ने पिछले साल अप्रैल 2021 में बजाज ऑटो के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और वर्तमान में फर्म के मानद अध्यक्ष थे। राहुल बजाज ने बजाज ऑटो को तीन कंपनियों - बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व और एक होल्डिंग कंपनी में विभाजित किया।

राहुल बजाज क्यों हुए इतने मशहूर
राहुल बजाज का पालन-पोषण एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां उनके दादा जमनालाल बजाज को महात्मा गांधी अपने पांचवें बेटे के रूप में मानते थे। उनके पिता कमलनयन कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे, जो बाद में इंदिरा गांधी से अलग हो गए। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, बिड़ला की तरह, बजाज परिवार के भी राजनीतिक संबंध थे, वरिष्ठ राजनेता उनके परिवार के घर आया-जाया करते थे।
परिवार की विरासत के अलावा राहुल बजाज घर-घर में बजाज का स्कूटर को लेकर जाने जाते हैं। जिन्होंने स्कूटर को आम आदमी तक पहुंचाया। बजाज चेतक स्कूटर के मार्केट में आने के बाद से हमारा बजाज हर किसी की जुबान पर था। उस वक्त की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनके स्कूटर के लिए महीनों से लेकर सालों तक की लोगों की वेटिंग होती थी।

राजनीति में भी किसी से कम नहीं थे राहुल बजाज
राहुल बजाज की कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी लेकिन वह बचपन से ही बड़े-बड़े राजनेताओं को जानते थे और उनके संपर्क में थे। कमलनयन और इंदिरा गांधी ने एक ही स्कूल में कुछ समय के लिए पढ़ाई की थी। बजाज परिवार की मान्यता है कि जवाहरलाल नेहरू ने खुद कमलनायन के बड़े बेटे का नाम राहुल रखा था। इसका मतलब यह नहीं था कि राहुल का झुकाव वैचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी की ओर था। वह अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ समान रूप से सहज थे। किसी ने भी उनसे शिकायत नहीं की, हालांकि वे अक्सर व्यापार और अन्य मामलों पर मुखर थे। राहुल बजाज ने 2005 में बजाज ऑटो के चेयरमैन का पद छोड़ने के बाद 2006 में वह राज्य सभा में सांसद के तौर पर चुने गए। 2006 से 2010 तक राहुल बजाज राज्यसभा सांसद रहें। राहुल बजाज को 2001 में तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

क्या बनाती है राहुल बजाज की कंपनी बजाज ऑटो?
राहुल बजाज की कंपनी ''बजाज ऑटो'' दो दो-पहिया और तीन-पहिया गाड़ियां बनाती है। ये कंपनी ज्यादातर मोटरसाइकिल, स्कूटर और ऑटो रिक्शा बनाती है। बजाज ऑटो कंपनी का मुख्यालय महाराष्ट्र के पुणे में है। मोटरसाइकिल बनाने के मामले में ''बजाज ऑटो'' कंपनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी और भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।












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